कोरोनावायरस टेस्टिंग में 138वें नंबर पर भारत , 20 हज़ार के पार पहुंचा मौत का आंकड़ा , पढ़े पूरी खबर

जनसत्ता की खबर के अनुसार ये आंकड़े विश्व में प्रति 10 लाख आबादी के हिसाब से है ।भारत में कोरोनावायरस के मामले अब 7 लाख को भी ही पार कर चुके हैं। भारत में लॉकडाउन से लेकर अभी तक मात्र एक करोड़ टेस्टिंग हुई है जिसमें 7 लाख कोरोनावायरस पॉजिटिव केस पाए गए जिसमें से आधे से ज्यादा लोगों को रिकवर किया जा चुका है। और भारत में कोरोनावायरस से मृत लोगों की संख्या भी 20 हजार से पार जा चुकी है। और कोरोनावायरस संक्रमित मामले में भारत अब तीसरे नंबर पर जा पहुंचा है।

पीएम केयर्स फंड लोगों ने उसी वक्त दिया था जिस वक्त लॉकडाउन को लगाया गया था और लोग पैदल चल कर अपने घर पहुंच रहे थे लेकिन जब पीएम केयर का पैसा जनता के बीच नहीं खर्च हुआ तो विपक्ष ने सवाल खड़े किए तो उन्हें देशद्रोही बता दिया गया उसके बाद पीएम केयर्स फंड का ऑडिट नहीं हो सकता। अगर समय पर जब लॉकडाउन को लगाया गया था उसी समय कोरोनावायरस जांच की जाती और पीएम केयर फंड का पैसा कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए खर्च किया जाता तो आज इतने मामले ना होते

क्योंकि भारत में अभी तक मात्र 135 करोड़ आबादी में से सिर्फ 1 करोड़ लोगों की कोरोनावायरस टेस्टिंग हुई है अमेरिका के राष्ट्रपति ने भी एक बार बयान दिया था कि अगर भारत में ज्यादा टेस्टिंग हो तो भारत में कोरोनावायरस के मामले अमेरिका से ज्यादा निकलेंगे। कोरोनावायरस की टेस्टिंग पर कई बार सवाल उठ चुके हैं जब कोरोनावायरस संक्रमण भारत में फैल रहा था उस समय गुजरात में टेस्टिंग को कम कर दिया गया था। उस पर लोगों ने सवाल भी उठाए।

जनसत्ता की खबर के मुताबिक प्रति दस लाख आबादी के हिसाब से कोरोनावायरस टेस्टिंग में भारत के 138वें नंबर पर है। लेकिन कोरोनावायरस संक्रमण के मामलों में तीसरे नंबर पर है । दुनिया में भारत की बड़े आबादी वाले देश में गिनती आती है और यहां पर जो जनसंख्या है वह 135 करोड़ है। और 135 करोड़ जनसंख्या में मात्र सिर्फ अभी तक एक करोड़ कोरोनावायरस टेस्टिंग हुई है। और देशों की अपेक्षा कोरोनावायरस टेस्ट में भारत 138वें नंबर पर है। यानी इस देश में कोरोनावायरस की टेस्टिंग ही ढंग से नहीं हो पा रही है।

एक बात तो बिल्कुल साफ है कि जब तक कोरोनावायरस टेस्टिंग ज्यादा से ज्यादा नहीं होगी तब तक कोरोनावायरस के संक्रमित मरीजों का पता नहीं लगाया जा सकता। अभी भारत में सिर्फ उन लोगों की टेस्टिंग हो रही है जो लोग अपनी मर्जी से करवा रहे हैं और वह लोग टेस्टिंग करा रहे हैं। जिनमे कोरोनावायरस जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं

भारत में कोरोनावायरस की वजह से 20 हज़ार से ज्यादा मौत हो चुकी हैं। और पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा कोरोनावायरस से मौतें अमेरिका में हुई है। लेकिन भारत में कई जगह ऐसे मामले भी आए हैं कि लोगों की मृत्यु पहले हो गई है और जांच के बाद वे पॉजिटिव पाए गए थे। लेकिन भारत में कोरोनावायरस को तभी काबू में किया जा सकता है जब ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग होगी। क्योंकि जब ज्यादा टेस्टिंग होगी तब पता लगाया जा सकता है कि हमारे बीच कौन कोरोनावायरस संक्रमित है और कौन नहीं।