कोरोनावायरस: रूस को पीछे छोड़ तीसरे नंबर पर पहुंचा भारत , भारत में बेकाबू हुई कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या

कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों की संख्या में भारत रूस को पीछे छोड़ तीसरे नंबर पर पहुंच गया है पहले भारत चौथे नंबर पर था और रूस में कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों की संख्या भी प्रतिदिन कम आ रही थी और भारत में कोरोनावायरस प्रतिदिन मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है प्रतिदिन आने वाली संख्या 24000 तक पहुंच गई है और यह संख्या धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ रही है यह संख्या कहां तक जा सकती है इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।

इस देश में कोरोनावायरस कोरोनावायरस सरकार द्वारा लगाया गया लॉकडाउन बिल्कुल फेल गया क्योंकि सरकर लॉकडाउन में कोरोनावायरस को रोकने की तैयारी कर सकती थी लेकिन सारा दोष ज़मतियों डालकर मुस्लिमों को मीडिया ने टारगेट करना शुरू कर दिया था। और लॉकडाउन में कोरोनावायरस की तैयारी करने के बजाए जनता से ताली और थाली बजवाई गई। जो समय था कोरोनावायरस को कंट्रोल करने का वह समय सरकार ने जनता से मनोरंजन में निकाल दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीच-बीच में नया टास्क लाते रहे और जनता उसे अपनाती रही बीच में मोमबत्ती का भी टास्क रखा लोगों ने अपनी छतों पर मोमबत्तियां टॉर्च सभी चीज जलाई और इसी बहाने दिवाली भी मन गई पटाखे भी फूटने लगे खुशियां मनाने लगे ऐसा लग रहा था उस वक्त मानो कोरोनावायरस की जंग जीत गए हैं। उस बात को भी कैसे भुला जाए। जिसमे लाखों की संख्या में भीड़ इकट्ठा करके गुजरात के मोटेरा स्टेडियम में नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम हुआ और ठीक उसके एक महीने बाद लॉकडाउन को लगाया गया।

कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने ट्वीट करके सरकार को यह जानकारी दी कि कोरोनावायरस का भारत में पहला कैस आया है और सरकार इस पर सतर्कता बरतें लेकिन उस वक्त राहुल गांधी का ट्विटर पर मजाक उड़ाया गया था। दुनिया भर में अगर कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों की संख्या देखी जाए तो लगभग कम होती चली आ रही है लेकिन अगर भारत में प्रतिदिन कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों की संख्या को देखा जाए तो लगातार बढ़ रही है।

अमेरिका जो देश पहले नंबर पर है उसमें कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों की प्रतिदिन आने वाली संख्या लगभग 50000 है और भारत में कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों की प्रतिदिन आने वाली संख्या लगभग 25000 है। और यह संख्या लगातार तेजी से आगे की ओर बढ़ रही है। और इस संख्या पर कोई कंट्रोल नहीं है। संख्या को रोकने में सरकार पूरी तरीके से नाकाम रही है।

अब जो देश तीसरे नंबर पर है और दूसरे स्थान वाले देश में कोरोनावायरस संक्रमित के मामले प्रतिदिन लगभग 37000 आ रहे हैं। और यह संक्रमित मामले भारत में प्रतिदिन आने वाले संक्रमित मामले से लगभग 12000 कम है। अगर भारत में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या बेकाबू रही और सरकार अगर इस पर कंट्रोल नहीं कर पाई तो कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों की संख्या कहां जा सकती है इसका कोई अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।

क्योंकि जब भारत में कोरोनावायरस के मामले बहुत कम थे और दूसरे देशों में मामले बहुत ज्यादा बढ़ रहे थे और वहां मृत्यु भी ज्यादा हो रही थी उन देशों ने अपनी हालत सुधार ली है इटली में अब कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों की संख्या प्रतिदिन बहुत कम आ रही है वही जर्मनी तुर्की इन्होंने अपनी हालत कहीं हद तक सुधार ली है और यहां कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों की संख्या प्रतिदिन बहुत कम आ रही है। लेकिन भारत में कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों की संख्या बिल्कुल बेकाबू है। इसी तरीके से कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों की संख्या बेकाबू रही तो यह संख्या कहां जा सकती है और भारत किस स्थान तक पहुंच सकता है। इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता