मिडिल क्लास तुम मांगोगे तो किससे मांगोगे , पढ़िए रवीश कुमार का ब्लॉग , तुमने अपने मांगने वाले हाथों को ही , पढ़े

कोरोनावायरस काल में बड़ा कठिन समय चल रहा है। और कोरोनावायरस के संकट से अमेरिका में 36000 पत्रकारों की नौकरी चली गई। वे सभी अपने घरों को लौट रहे हैं । और उनको वेतन भी नहीं मिला है। और वे बिना वेतन के ही अपने घरों को लौट रहे हैं। ऐसे में इन लोगों की मदद के लिए फंड बनाया जा रहा है। जिसमें इस आए हुए पैसे से उन पत्रकारों को मदद मिल सके जिन पत्रकारों की नौकरी चली गई है।

रिफंड का नाम है प्रेस फ्रीडम डिफेंस फंड । जो कि पत्रकारों की मदद के लिए बनाया गया है। 100 अरब डॉलर का बेरोजगारी भत्ता अमेरिका ने जून महीने में दिया था। लेकिन कोरोनावायरस संकट में बेरोजगारों की संख्या बढ़ गई है और वहां अमेरिका में अब सवाल उठ रहे हैं कि बेरोजगारों को देखते हुए 142 करोड रुपए का भत्ता देना चाहिए था

लेकिन यह सवाल  सिर्फ अमेरिका में उठ सकते है । अगर आप भारत में यह सवाल उठाते हैं तो आपको एजेंट बता दिया जाता है ।पहले जब राष्ट्र को संबोधित किया गया था अब संबोधित करते वक्त यह कहा था ठीक कोई नौकरी से नहीं निकालेगा लेकिन इसके बाद भी भारत में न्यूज़ पोर्टल काम करने वाले लोगों की नौकरियां जाती रही। और दूसरी न्यूज़ चैनल में कैमरामैन और अन्य अधिकारियों और पत्रकारों की नौकरियां चली गई।

कोरोनावायरस के चलते हुए प्राइवेट नौकरी वाले भी इस परेशानी से गुजर रहे हैं। जो लोग छोटा मोटा गुजारा करके अपनी कमाई कर रहे थे कोरोनावायरस के चलते हुए उनकी कमाई भी बंद हो गई है। भारत के को गरीब छात्र जो स्वयं की कमाई पर पढ़ते थे छात्र अब किराया नहीं दे पा रहे हैं। इस समय भारत के छात्र ही कठिनाई का सामना कर रहे हैं क्या भारत में इन मुद्दों पर चर्चा नहीं होनी चाहिए

बात अगर मिडिल क्लास  की बात की जाए। मिडिल क्लास भीड़ का साथ देता रहा। लेकिन आज जब वह परेशानी के दौर से गुजर रहा है तो अब वह मीडिया को ढूंढ रहा है कि उसके सवालों को मीडिया उठाएं। मिडिल क्लास को मीडिया से अपनी व्यथा सुनाने के बजाय सोशल मीडिया वाले मीम की मांग करनी चाहिए। क्योंकि मिडिल क्लास ने भीड़ बनकर साथ दिया है।

क्योंकि पिछले कई सालों में मिडिल क्लास का भीड़ के तौर पर सबसे ज्यादा इस्तेमाल हुआ है। बच्चों को रोजगार मिले या ना मिले वह अलग की बात है लेकिन सोशल मीडिया पर नेहरू को मुसलमान बताने वाला अगर मीम मिल जाए तो दिल को तसल्ली आ जाए।