प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात की , लेकिन मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार भी चीन का नाम नहीं लिया

भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव अभी जारी है। और दूसरी ओर भारत में राजनीतिक पार्टी चुनाव की तैयारियां भी कर रही हैं। कोरोनावायरस काल में लोगों को इकट्ठा करके रैली नहीं की जा सकती इसके लिए भारतीय जनता पार्टी ने डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया और वहां डिजिटल रैली करके लोगों तक अपना भाषण पहुंचाया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले की तरह इस बार भी रविवार को मन की बात कार्यक्रम रख लिया भारतीय मुख्यधारा की मीडिया चैनल में खबरें आने लगी कि चीन को तनाव को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे मन की बात। लेकिन इस कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता को सिर्फ अपने मन की ही बात बताते हैं बल्कि जनता अपने मन की बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नहीं बता पाती

लेकिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत और चीन सीमा के तनाव को लेकर बयान दे चुके हैं और वह बयान काफी सुर्खियों में रहा उन्होंने अपने बयान में कहा था कि भारत की सीमा में ना कोई घुसा है और ना कोई घुसा हुआ है और ना ही हमारी किसी चौकी पर किसी ने कब्जा किया है। लेकिन स्थिति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान से अलग है

रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात करने का मन बनाया और कार्यक्रम निर्धारित किया। लेकिन भारत और चीन तनाव के बीच यह मन की बात कार्यक्रम किया गया लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे कार्यक्रम में एक बार भी चीन शब्द नहीं बोले। मुख्यमंत्री गहलोत ने भी अपने बयान में कहा ऐसा डर क्या है जो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में एक बार भी चीन का नाम नहीं लिया ।