भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले हुए 5 लाख से भी पार , यदि इस तरीके से कोरोनावायरस संक्रमण के मामले बढ़ेंगे तो ,

भारत में कोरोनावायरस संक्रमण की संख्या आज 5 लाख से भी पार हो गई है और कोरोनावायरस संक्रमण की संख्या हर रोज आने वाले मामले भी लगातार बढ़ते चले जा रहे हैं। जिस वक्त हम यह पोस्ट लिख रहे हैं उस वक्त आज कोरोनावायरस संक्रमण के मामले 16 हजार से ज्यादा बढे है। अगर गौर किया जाए तो कोरोनावायरस के प्रति दिन आने वाले मामले लगातार तेजी पकड़ रहे हैं।

भारत में जहां कोरोनावायरस तेजी पकड़ रहा है वहां पतंजलि कंपनी के मालिक बाबा रामदेव भी कोरोनावायरस को खत्म करने की दवा ले आते हैं जिसका नाम होता है कोरोनिल। लेकिन बाद में बाबा रामदेव की यह दवा विवादों में घिर जाती है कई राज्यों में इस दवा की बिक्री को रोका गया है। सबसे पहले इस दवा को राजस्थान में रोका गया उसके बाद महाराष्ट्र में भी उद्धव सरकार ने इस दवाई पर रोक लगा दी है।

जब शुरुआत में कोरोनावायरस के मामले आए थे तब लोगों में कोरोनावायरस के प्रति भय भी था लेकिन अब कोरोनावायरस के चलते हुए जनता ने 3 महीने लॉकडाउन में काटने के बाद अब उसके अंदर का भय खत्म हो गया है । मजदूर वर्ग के लोग जो पैदल चलकर अपने घर लौटे थे उन्हें भी उनके मालिक फोन कर रहे हैं लंबी-लंबी नौकरियों और काम भी बता रहे हैं।

लेकिन जब यह परेशान मजदूरों को शहर में रह पाना मुश्किल हो पा रहा था तब इन्हीं मालिकों ने इन मजदूरों से मुंह फेर लिया था और यह सभी मजदूर पैदल यात्रा कर कर अपने घर लौटे थे। लेकिन अब जब लॉकडाउन को सरकार ने पूरी तरीके से खोल दिया है और सब कुछ अनलॉक ही हो गया है तो मालिक मजदूरों को अब काम पर बुला रहे हैं।

शहरों को आने जाने के लिए प्राइवेट बसें भी चल रही हैं और उनसे मजदूर अपने काम के लिए शहर जा भी रहा है लेकिन क्या अब मजदूर के दिल से कोरोनावायरस का खतरा निकल गया है जो अपनी जान की बिना परवाह किए काम पर लौट रहे हैं । लेकिन जिन शहरों में कोरोनावायरस के मामले लगातार बढ़ते चले जा रहे हैं उन्हीं शहरों में मजदूर काम के लिए लौट रहा है।

प्रतिदिन बढ़ने वाले कोरोनावायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और यह मामले 18000 के लगभग आए हैं। यानी इस तरीके से अगर हर रोज कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों के मामले बढ़ेंगे तो लगभग 5 या 6 दिन में एक लाख कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ेगी। और प्रतिदिन कोरोनावायरस संक्रमण के मामले बढ़ने वाली संख्या कहां तक जा सकती है इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है