भारत में बढ़ती बेरोजगारी , और लुढ़कती अर्थव्यवस्था , और भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले , पढ़े पूरी खबर

भारत में कोरोनावायरस के मामले लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं। और जो मामले प्रतिदिन आते थे अब वह भी तेजी पकड़ रहे हैं। और यह आंकड़े अब 5 लाख को छूने वाले हैं । हमारे देश की अर्थव्यवस्था पहले से ही खराब थी। कोरोनावायरस के आने से देश की अर्थव्यवस्था लुकढती जा रही है । लेकिन उस समय भी हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सब चंगा सी बताते थे।

भारत में अब कोरोनावायरस का संक्रमण बढ़ रहा रहा है । लेकिन युवाओं को पहले से ही नौकरी नहीं थी लेकिन अब इस संक्रमण में युवाओं के जीवन पर बहुत बुरा असर पड़ा है। जो विदेश में रहकर युवा नौकरी कर रहे थे । उनकी भी नौकरी जाने के बाद वह बंदे भारत अभियान के तहत घर लौट आए हैं। कोरोनावायरस काल के पहले से ही युवाओं को रोजगार को लेकर सरकार ने कोई चर्चा नहीं की

मुख्यधारा की मीडिया में भी रोजगार को लेकर कोई चर्चा नहीं की गई । कोरोनावायरस काल से पहले भी युवाओं को पकोड़े तलने की सलाह राजनेताओं ने दी चुनाव नजदीक आने पर राजनेताओं ने युवाओं का भरपूर सहयोग लिया । चुनाव के वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी युवाओं को चौकीदार बना दिया था। लेकिन आज हमारे भारत के युवा लगातार बेरोजगार होते जा रहे हैं जो नौकरी कर रहे थे उनकी नौकरियां जा रही हैं । और जिनके पास नौकरी नहीं थी वे अपने घर बैठे हैं।

लेकिन जब यह मुद्दा मुख्यधारा की मीडिया ने उठाया एक एंकर हैं जिन्होंने फिरौती वसूल करने के आरोप पर पत्रकारिता का नाम रोशन किया है। उसने कहा कि भारत के युवाओं की पढ़ाई ढंग से नहीं होती और भारत का युवा उच्च नौकरी करने के योग्य नहीं है। यानी जब युवाओं को रोजगार नहीं तो मीडिया ने इसका दोष युवाओं पर ही मढ़ दिया

भारत में पढ़े-लिखे युवाओं के साथ-साथ मध्यमवर्गीय लोग भी बेरोजगार हो रहे हैं जो लोग नौकरियां करते थे कोरोनावायरस के चलते हुए उनकी नौकरियां खत्म हो गई है और उनको परिवार चलाना भी मुश्किल हो रहा है। सरकार 20 हज़ार करोड रुपए का प्लान बता कर चली गई जिस को समझाने के लिए वित्त मंत्री को 4 दिन का समय लगा ।