बाबा रामदेव की कोरोनिल पर रोक लगने के बाद भी मुख्यधारा की मीडिया पर नहीं रुका रामदेव की कोरोनिल का प्रचार-प्रसार , देखे और पढ़े खबर

भारत में अभी कोरोनावायरस संक्रमित के मामले चार लाख 50 हजार को पार कर चुके हैं । लेकिन ऐसी स्थिति में अचानक बाबा रामदेव कोरोनिल नाम की एक दवा लेकर आते हैं इसमें बाबा रामदेव यह दावा करते हैं कि यह दवाई कोरोनावायरस को खत्म कर सकती है। लेकिन यह दावे हवा-हवाई हैं। कोई प्रमाण अभी तक नहीं मिला है आयुष मंत्रालय ने भी अपने बयान में साफ कर दिया है कि उसे बाबा रामदेव की बनी दवाई कोरोनिल की कोई जानकारी नहीं है। 2013 में बाबा रामदेव ने गौमूत्र में गोल्ड होने दावा किया था ।

इसके बाद आयुष मंत्रालय ने इस दवा के प्रचार पर रोक लगाने की बात कही । भारत सरकार ने बाबा रामदेव द्वारा निर्मित कोरोनिल दवा के विज्ञापन पर रोक लगा दी। क्योंकि भारत सरकार को इसका कोई प्रमाण नहीं मिला कि इस दवाई से मरीज ठीक हुआ कि नहीं हुआ। या जिन मरीजों पर यह दवाई टेस्ट की गई उन मरीजों का कोई अता पता नहीं है।

रामदेव ने कोरोनावायरस को लेकर पहले भी कई नुस्खे कई योगा करने को टीवी पर आकर बताए थे जिसे गोदी मीडिया ने उन नुस्खों को बढ़ चढ़कर बताया था। लेकिन बाद में वे सभी दावे गलत साबित हुए। और उन गलत दावों को यूट्यूब पर जाकर देख सकते हैं । अगर यह दवाई बा कई कोरोनावायरस के मरीजों के लिए फायदेमंद होती तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी ट्वीट करके इस दवाई की मांग करते।

हालांकि अब आयुष मंत्रालय ने बाबा रामदेव द्वारा बनाई गई कोरोनावायरस की दवाई के प्रचार पर रोक लगा दी है। फिर भी मुख्यधारा का मीडिया किसी न किसी तरीके से इस दवाई का प्रचार कर रहा है। बाबा रामदेव द्वारा बनाई गई कोरोनावायरस की दवाई पर रोक लगाने के बाद हर चैनल पर बाबा रामदेव पूरी जड़ी बूटियों के साथ बैठकर इस दवाई के बारे में समझा रहे हैं

देखिए बाबा रामदेव की कोरोना की दवा के प्रचार पर रोक लगाने के बाद मीडिया किस तरीके से उस दवा के बारे में समझा रहा है आप इस ट्वीट में देखिए