देश में अब पहली बार डीजल और पेट्रोल के मूल्य लगभग हो गए हैं बराबर , लेकिन इस मुद्दे पर भारतीय मीडिया खामोश क्यों है

भारत में डीजल और पेट्रोल की कीमत अब लगभग बराबर हो गई हैं अब किसी पेट्रोल पंप पर जाकर एक ही दाम में डीजल और पेट्रोल लिया जा सकता है बस कुछ एक रुपए के लगभग का ही अंतर रह गया है। इस समय दुनिया कोरोनावायरस के संकट से जूझ रही है और कच्चे तेलों के दाम में भी भारी गिरावट है लेकिन फिर भी पेट्रोल और डीजल लगातार महंगा होता चला जा रहा है। कभी बाबा रामदेव ने कहा था कि अगर काला धन आए तो पेट्रोल 30 प्रति लीटर में मिलेगा

लेकिन सरकार ने काला धन लाने के लिए भी सारे हथकंडे अपना लिये । काला धन लाने के लिए नोटबंदी भी कर ली। पूरे देश के नोट भी सरकार ने बदल दिए लेकिन फिर भी काला धन वापस नहीं ला पाये। बल्कि उस नोटबंदी से देश की अर्थव्यवस्था बिल्कुल चरमरा गई। लेकिन इसके बाद भी नोट बंदी के फायदे सुनाते रहे।

लेकिन इस बार देखने को मिल रहा है कि भारत में डीजल और पेट्रोल के दाम एक समान हो गए हैं । अब कार लेने पर यह भी सोचना नहीं पड़ेगा कि कार डीजल की ली जाए या पेट्रोल की क्योंकि दोनों की कीमतें समान हो गई है। 15 दिनों में डीजल और पेट्रोल के दामों में लगातार वृद्धि हुई है और धीरे-धीरे करके डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ाये गए।

डीजल पेट्रोल के दाम मनमोहन सरकार में भी बढ़े हैं। और लोगों ने बढ़ती कीमतों को लेकर सड़क पर विरोध प्रदर्शन भी किया था । और जब देश में मनमोहन सिंह की सरकार थी तब 2014 से पहले मीडिया ने भी पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर खूब बहस की थी । लेकिन आज पेट्रोल और डीजल की कीमतें जब लगातार बढ़ रही हैं तो हमारा भारतीय मीडिया इस पर बिल्कुल खामोश है।

2014 से पहले डीजल और पेट्रोल के जब दाम बढ़े थे तब बॉलीवुड में भी महंगाई को लेकर एक गाना आया था। जिस फिल्म का नाम था पीपली लाइव। लेकिन आज जब महंगाई लगातार बढ़ रही है चाहे वह गैस सिलेंडर को लेकर हो या डीजल पेट्रोल के दामों को लेकर हो तो इस पर मीडिया बिल्कुल खामोश है। अब देखिए गौरव बल्लभ का यह ट्वीट