राजा का फकीराना अंदाज़ , पढ़े कहानी राजा का फकीराना अंदाज़

आज सुनिए एक कहानी राजा का फकीराना अंदाज । एक देश में एक राजा राज करता था । राजा बड़ा ही शक्तिशाली और दौलतमंद था। लेकिन प्रजा राजा को बहुत पसंद करती थी लेकिन प्रजा राजा से डरती भी बहुत थी। जब राजा अपने राजमहल से बाहर निकलते थे तो नगर के लोग डर के मारे सर झुका कर खड़े हो जाते थे। लोगों को राजा की गलती बिल्कुल साफ दिखती थी लेकिन लोगों में कहां हिम्मत थी कि उस गलती को वह राजा को बता सके

एक बार राजा के मन में विचार आया कि क्यों ना मैं अपनी प्रजा से मिलूं उन्हें देखूं कि वह किस हाल में है। लेकिन राजा ने सोचा कि इस बार जनता के बीच मूल्यवान कपड़े पहन कर नहीं जाऊंगा और राजा ने फटे पुराने कपड़े पहन कर जनता से मिलने का मन बना लिया। गंदे फटे कपड़े पहनकर राजा अपने महल से बाहर निकल पड़ा।

रास्ते में राजा को देखकर लोग इकट्ठा होने लगे और राजा को देख कर मुस्कुराने लगे। राजा ने मुस्कुराते हुए व्यक्ति से पूछा कि आप क्यों मुस्कुरा रहे हो क्या मैं आपको अच्छा नहीं लग रहा । तो व्यक्ति ने जवाब दिया हे राजन आप कोई भी वस्त्र पहन लीजिए आप हर वस्त्र में और हर रूप में सुंदर राजा ही दिखते हैं और आप बहुत सुंदर लग रहे है

राजा फिर आगे बढ़ने लगा फिर उसे आगे लोग मिलने लगे और लोगों से वह पूछने लगा कि यह जो कपड़े पहने हुए राजा है वह राजा कैसा लग रहा है सभी लोग यही कह रहे थे कि राजा आज तो आप बहुत सुंदर लग रहे हो । आगे चलकर एक व्यक्ति से और पूछा तो उसने भी यही उत्तर किया कि राजा आज आप बहुत खूबसूरत लग रहे हो।

राजा के फटे पुराने कपड़े में भी लोग राजा की प्रशंसा करते गए हर कोई राजा की प्रशंसा कर रहा था। राजा हैरान था कि आखिर उसने फटे पुराने फकीर जैसे कपड़े पहने हैं तो यह लोग उन कपड़ों की प्रशंसा किए जा रहे हैं। सभी लोग राजा की तारीफ करने लगे कि राजा आज इन कपड़ों में आज बहुत सुंदर लग रहे हैं।

तभी सामने से एक मजदूर का बेटा अपने पिता के साथ आ रहा था तभी राजा ने उन दोनों को रोक लिया और उस पिता से राजा ने पूछा कि मैं कैसा लग रहा हूं। मजदूर ने राजा के तारीफों के पुल बांधे और राजा की बहुत प्रशंसा की। यह तक कह दिया कि आज मेरे पास शब्द नहीं है आप इतने सुंदर लग रहे हैं।

इसके बाद मजदूर के बेटे ने देखा और अपने पिता की ओर इशारा करते हुए कहा कि राजा तो आज भिखारी लग रहा है। कि यह आवाज राजा के कानों तक पहुंच गई राजा ने तुरंत उस मजदूर के बेटे को अपने सामने बुलाया और दोबारा पूछा कि बताओ मैं कैसा लग रहा हूं। तो मजदूर के बेटे ने जवाब दिया । हे राजा आज आप भिखारी लग रहे हैं।

जब राजा ने इतना सुना और अपने कपड़ों की ओर देखा तो राजा ने सोचा कि सचमुच आए राजा भिखारी के भेष में जनता से मिलने आया है । लेकिन राजा तो भिखारी जैसे फटे पुराने कपड़े पहने हुए था। लेकिन राजा ने उस मजदूर के बेटे से पूछा कि आपका उत्तर इन सब लोगों के उत्तर से अलग क्यों है।

इस पर मजदूर के बेटे ने जवाब दिया कि मेरी आंखों ने जो देखा तो सच्चाई आपके सामने बयां कर दी । हो सकता है कि इन लोगों में इतनी हिम्मत ना हो जो देखकर भी सच नहीं बोल पा रहे हैं। या हो सकता है कि इन्हें डर लग रहा हो। इतना सुनने के बाद राजा ने मजदूर के बेटे को गले से लगा लिया और कहा कोई तो है मेरे राज्य में सच बोलने वाला।