जब पत्रकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गोद लिए गए गांव पर रिपोर्टिंग की , तो पत्रकार के खिलाफ हो गई एफआईआर

जब चुनाव का समय था तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र से एक गांव को गोद लिया हुआ था। और जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस गांव को गोद लिया होगा तब तो इस गांव की बात ही कुछ अलग होगी क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात मॉडल से मशहूर है। जब इस गांव के मॉडल की सच्चाई जानने न्यूज़ पोर्टल स्क्रॉल डॉट इन की पत्रकार गई। और इस गांव की सच्चाई बयां की तो इस न्यूज़ पोर्टल के संपादक सुप्रिया शर्मा और एडिटर इन चीफ के खिलाफ़ एफ आई आर दर्ज हो गई

आजकल देश के हालात कुछ ऐसे हैं अगर आप सरकार से सवाल करते हैं। तो आप को देशद्रोही घोषित कर दिया जाता है । अखबारों में न्यूज़ चैनलों में सत्ताधारी नेताओं की वाहवाही दिखाने में व्यस्त हैं। लेकिन अगर कोई हकीकत लिख दे तो बहुत आसान है कि उसे देशद्रोही घोषित कर के उस पत्रकार से पीछा छुड़ा लो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से एक गांव को गोद लिया था। और जाहिर सी बात है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस गांव को अपने गोद में लिया है तो इस गांव की खासियत पूरे देश के गांव की खासियत से कुछ अलग ही होगी। न्यूज़ पोर्टल स्क्रोल की महिला पत्रकार इस गांव पर रिपोर्टिंग करने लगी और जब इस गांव की हकीकत जानी और सच्चाई लोगों तक पहुंचाएं तो सत्ता में बैठे कुछ लोगों को यह अच्छा नहीं लगा।

आपको बता दें वेब पोर्टल स्क्रोल की पत्रकार सुप्रिया वाराणसी के प्रधानमंत्री द्वारा गोद लिए गए गांव में रिपोर्टिंग करने पहुंच गई थी। उन्होंने वाराणसी के अन्य जिलों में भी रिपोर्टिंग की थी लेकिन जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गोद लिए गए गांव में रिपोर्टिंग की तो रिपोर्टिंग के दौरान कई लोगों ने अपनी परेशानियों को पत्रकार को सुनाया।

यह कोई नई बात नहीं है वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ इतनी सरलता से पत्रकारिता करते हैं लेकिन फिर भी उन पर एफ आई आर दर्ज हो जाती है लेकिन जो आज भी टीवी में बैठकर चिल्ला रहे हैं समाज में नफरत फैला रहे हैं लोगों को आपस में लड़ा रहे हैं उन पर कोई रोक नहीं है और ना ही वे देशद्रोही हैं।