भारतीय मीडिया चैनल पर चीनी मोबाइल कंपनी के विज्ञापन के साथ चीन के सामानों का बहिष्कार , पढ़ें पूरी खबर

भारत में मुख्यधारा की मीडिया टीआरपी पर आधारित हो गई है यानी सीधा तौर पर मतलब यह है कि जितना ज्यादा टीआरपी आएगी । उतने ही ज्यादा विज्ञापन मिलेंगे और उतनी ही ज्यादा न्यूज़ चैनल को कमाई होगी। इस भारतीय मीडिया ने कुछ ऐसे मुद्दे ऐसे एंगल ढूंढ लिए हैं जिस पर भरपूर टीआरपी आती है और कमाई भी अच्छी होती है। अब वह कौन से एंगल है वह आप समझ ही गए होंगे।

विवो फोन एक चाइनीस कंपनी द्वारा निर्मित है जिसके फोन को भारत में लोग अच्छी खासी मात्रा में इस्तेमाल करते हैं। आजकल हमारे देश में इन कंपनियों द्वारा बने हुए फोन हमारे देश के युवा ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। और इन फोंस की खासियत कोई और नहीं बता रहा है बल्कि भारत का मुख्यधारा का मीडिया बता रहा है जब देश का चीनी सामान का बहिष्कार कर रहा है। देखिए यह ट्वीट

भारत-चीन तनाव को लेकर लोग चीन द्वारा बने हुए सामानों का बहिष्कार कर रहे हैं। लेकिन क्या यह बहिष्कार करने का काम सिर्फ लोगों का ही है। मीडिया चीनी कंपनी द्वारा बने हुए निर्मित फोन का विज्ञापन कर रही है। अपने कार्यक्रमों में उसके विज्ञापनों को चला रही है। और देश की जनता को उसी कार्यक्रम के दौरान बताया जा रहा है कि चीन के सामान को बहिष्कार किया जाना चाहिए।

यह बात तो रही लोगों द्वारा चीन के सामान के बहिष्कार करने की। जिधर देश के लोग चीन द्वारा निर्मित सामानों का बहिष्कार कर रहे हैं और देश द्वारा निर्मित सामान का इस्तेमाल करने को कह रहे हैं। लेकिन जनसत्ता की खबर के अनुसार 15 जून को यह जनसत्ता की वेबसाइट पर आर्टिकल छपा कि दिल्ली मेरठ रैपिड ट्रांजिट कॉरिडोर का ठेका भारत की कंपनी को छोड़कर चीन की कंपनी एसटीईसी को दे दिया गया। लेकिन जनता चीनी सामान का बहिष्कार कर रही है वही हमारा मीडिया चीनी सामान का विज्ञापन दिखा रहा है