सुशांत सिंह राजपूत की रिपोर्टिंग करने पर टीआरपी के लिए भारतीय मीडिया किस हद तक जाएगा , पढ़े खबर

जैसे ही मीडिया में बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत को लेकर खबरें आई भारतीय मीडिया में टीआरपी के लिए होड़ मच गई। जल्दी-जल्दी में किसी ने कुछ छाप दिया और किसी ने कोई सी तस्वीर लगा दी और कोई कैमरा लेकर सीधे सुशांत सिंह राजपूत के घर चला गया। और घर पर रोते बिलखते परिवार को अपने कैमरे से रिकॉर्ड करके पूरे देश को हमारा भारतीय मीडिया दिखा रहा था।

सुशांत सिंह राजपूत के परिवार ने उस कैमरामैन से मना किया कि आप बाहर चले जाइए आप यहां कैमरे से रिकॉर्ड मत कीजिए। लेकिन किसी भारतीय मीडिया के पत्रकार पर कोई फर्क नहीं पड़ा। वे वहीं लगातार रिपोर्टिंग करते रहे । सुशांत सिंह राजपूत के पिता अपने बेटे की अचानक खबर सुनकर बार-बार बेहोश हो रहे थे लेकिन भारतीय मुख्यधारा की मीडिया उसे अपने कैमरे से रिकॉर्ड करता रहा।

यह आज नया नहीं है पहले भी जब बॉलीवुड अभिनेत्री श्रीदेवी की मीडिया में खबरें आई थी तब हर कोई टीआरपी के लिए अपने मन मुताबिक खबरें चलाने लगा था । उस समय एक रिपोर्टर तो वाथ टब में ही लेट कर रिपोर्टिंग कर रहा था। और उस वाथ टब में लेट कर यह बता रहा था कि यह घटना किस प्रकार हुई।

उस वक्त भी गोदी मीडिया के रिपोर्टरों ने ऐसे ग्राफिक जरनेट किए गए जिसमें बाथ टब पर वाइन का गिलास सहित ग्राफिक्स बैकग्राउंड में लगाकर रिपोर्टिंग की गई थी। हमारा मुख्यधारा का मीडिया इस तरीके की जिम्मेदारी निभा रहा है। वो टीआरपी के चक्कर में यह भी भूल गया है कि उसे क्या रिपोर्टिंग करना चाहिए और क्या नहीं।

वैसे हमारे मुख्यधारा की मीडिया के रिपोर्टर अभी भी कम नहीं है मैं आज सूट पहनकर चांद पर रिपोर्टिंग करने चले जाते हैं।