प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों से बात करते हुए कहा , कि भारत कोरोनावायरस की लड़ाई में दूसरे देशों से अच्छा काम कर रहा है , पढ़े लेख

भारत में कोरोनावायरस संक्रमण के प्रति दिन 10 हजार के करीब मामले आ रहे हैं और प्रतिदिन मामलों में कोरोना संक्रमण के मरीज बढ़ते ही जा रहे हैं। कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों की संख्या तीन लाख 50 हजार को छूने वाली है। प्रतिदिन अगर 10 हजार कोरोनावायरस संक्रमण के मामले आएंगे तो 10 दिनों में यह मामले एक लाख हो जाएंगे। स्थिति यही रही तो यह मामले तेजी से बढ़ेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश के सभी मुख्यमंत्रियों से वीडियो कांफ्रेंस की। सभी मुख्यमंत्रियों से कोरोनावायरस को लेकर चर्चा की। चर्चा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत दूसरे देशों की तुलना में कोरोनावायरस से लड़ने के लिए अच्छा काम कर रहा है। अगर भारत की तुलना अन्य देशों से की जाए तो भारत की आबादी चीन को छोड़कर अन्य देशों से ज्यादा है।

लेकिन फिर भी भारत टेस्टिंग कम क्यों कर रहा है। यह बात तो पहले ही स्पष्ट हो चुकी है कि जितनी ज्यादा टेस्टिंग होगी उतनी ही इस देश में कोरोनावायरस के मरीजों का पता लगाया जा सकता है अगर टेस्टिंग कम होगी तो कोरोनावायरस के मरीजों का पता नहीं लगाया जा सकता है। अगर भारत सरकार सिर्फ लक्षण पाने पर ही कोरोनावायरस की टेस्टिंग करेगी तब भारत में कोरोनावायरस को रोकना मुश्किल होगा।

दुनिया में कोरोनावायरस फैला हुआ है और कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों में सबसे नंबर 1 पर अमेरिका है। अमेरिका में सबसे ज्यादा कोरोनावायरस संक्रमित के मरीज हैं। किन यहां टेस्टिंग ज्यादा की गई है। देश की आबादी भारत से कहीं ज्यादा कम है। लेकिन अमेरिका में टेस्टिंग ज्यादा की गई है

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप में भी एक बार कह दिया था कि अगर भारत में टेस्टिंग ज्यादा होगी तो भारत में कोरोनावायरस के मामले अमेरिका से ज्यादा निकलेंगे। लेकिन यह सिर्फ बयान है यह तो तभी पता चलेगा जब भारत में ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग होगी।