इस तस्वीर को देखकर लोग बोले , जहां न पहुंचा राशन वहां पहुंचा भाषण , सोशल मीडिया पर तस्वीर को देख कर लोगों ने दी अपनी प्रतिक्रियाएं

इधर कोरोनावायरस तेजी से लगातार बढ़ रहा है उधर भारतीय जनता पार्टी प्रचार करने में जुट गई है अमित शाह बिहार में 7 जून को डिजिटल रैली करते हैं जिसमें 72000 बूथ बनाए जाते हैं एक बूथ पर एक एलईडी का इंतजाम होता है जिसमें 50 लोग अमित शाह द्वारा दिए गए भाषण को सुन सकते हैं। जरा सोचने वाली बात है कि देश कोरोना वायरस के संकट से जूझ रहा है पर हमारे देश में राजनेता रैलियां कर रहे हैं।

जो वक्त था कोरोनावायरस रोकथाम करने का उस वक्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने थाली ताली बजवा दी। और हमारी जनता भी थाली ताली बजाती गई। उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोमबत्तियां जल बादी और लोगों ने इसी अपील के द्वारा दिवाली भी मनाली। लेकिन अब जब इस देश में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के मामले इतने ज्यादा हो गए तब अनलॉक कर दिया गया।

लेकिन अब जो समय है स्वास्थ्य को लेकर व्यवस्था सुधारने करने का जिन अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्था बिल्कुल चरमराई हुई है उसे सुधारने का यही वक्त है अगर इस देश को कोरोना वायरस से लड़ना है तो स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। लेकिन इस पर स्वास्थ्य मंत्री अभी भी चुप्पी साधे हुए हैं।

अमित शाह ने 7 जून को बिहार में रैली की और 9 जून को पश्चिम बंगाल में रैली की उसी रैली की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है जिसे आम आदमी पार्टी के टि्वटर हैंडल से भी अपलोड किया गया है और लोगों से कैप्शन मांगा गया है। लोगों ने ट्विटर के जरिए अपनी प्रतिक्रियाएं दी।

इस तस्वीर में देख सकते हैं बांस के पेड़ पर एक एलईडी लड़की हुई है चार-पांच भारतीय जनता पार्टी के झंडे पेड़ों पर टंगे हुए हैं एक आदमी खड़ा हुआ है और बाकी बच्चे बैठे हुए हैं जो एलईडी स्क्रीन में भाषण को देख रहे हैं कुछ लोगों ने इस तस्वीर को देखकर प्रतिक्रिया दी के बांस पर लटकता हुआ विकास