हथिनी को इंसाफ दिलाने के लिए हैशटैग चलाने वाला गोदी मीडिया और नेता गाय पर खामोश क्यों हैं , पढ़ें पूरी खबर

अभी आपने देखा होगा जब केरल से गर्भवती हथिनी को लेकर जो मामला हुआ था ।लेकिन उस मामले पर भरपूर राजनीति की गई । गोदी मीडिया ने भी इस पर हिंदू मुस्लिम कराने का नेताओं को भरपूर सहयोग दिया। गोदी मीडिया ने झूठी खबर चलाई की हथिनी का मामला मल्लपुरम का है और मल्लपुरम मुस्लिम बाहुल्य इलाका है। और इतना सुनते ही भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का पशु प्रेम जाग जाता है।

और गोदी मीडिया भी इस मामले पर खूब चर्चा करता है खूब खबरें चलाता है। लेकिन बाद में पता चलता है की हथिनी का मामला मल्लपुरम का नहीं है बल्कि पलक्कड़ का है। इतना सुनते ही गोदी मीडिया से यह मुद्दा धीरे-धीरे गायब होने लगता है। लेकिन जिस तरीके से यह गर्भवती हथिनी के लिए इंसाफ मांग रहे थे। उसी तरीके से इन्हें गाय पर भी आवाज उठानी चाहिए थी।

जो घटना हथिनी के साथ हुई वहीं हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में एक गाय के साथ हुई। एक व्यक्ति ने गाय को आटे में मिलाकर विस्फोटक पदार्थ खिला दिया जिसकी वजह से गाय का जबड़ा फट गया जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी लेकिन हम आपको वह तस्वीरें नहीं दिखाएंगे। लेकिन इस मुद्दे पर पशु प्रेमी नेता और पशु प्रेमी ने लिया बिल्कुल खामोश पड़ा हुआ है।

हां यह जरूर है कि अगर यह मुद्दा विपक्ष की सरकार में होता तो मीडिया में जमकर शोर-शराबा होता और विपक्ष से सवाल पूछा जाता लेकिन हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और जब हिमाचल प्रदेश से यह मामला सामने आया तो मीडिया और नेताओं ने इस मामले पर बिल्कुल चुप्पी साध ली। प्रकाश जावड़ेकर ने हथनी मामले को जोरों शोरों से उठाया था लेकिन वह हिमाचल प्रदेश में गाय के मामले पर बिल्कुल चुप है। आखिर यह नेता गाय पर चुप क्यों हैं गाय के नाम पर तो इन्होंने वोट भी मांगते हैं।

जब केरल में घटना हुई थी तब मेनका गांधी ने हथनी का मामला शुरू शुरू से उठाया था लेकिन वह भी उसी तरह की गाय की घटना पर बिल्कुल खामोश हैं और हमारा सरकारी मीडिया उसने तो इस बात पर जिक्र ही नहीं किया है नहीं कोई चर्चा हुई इस मुद्दे पर। मीडिया क्यों खामोश है इस मुद्दे पर क्योंकि जहां यह गाय की घटना हुई थी वहां भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और हमारी मीडिया में इतनी हिम्मत नहीं है। कि वह सरकार से सवाल करें