जब आधे से ज्यादा मजदूर आत्मनिर्भर बनकर पैदल निकल गए , तब 3 महीने बाद सुप्रीम कोर्ट राज्य सरकार और केंद्र सरकार को आदेश दे रहा है , कि 15 दिनों में प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाया जाए

जब पहला लॉक डाउन लगाने की सरकार ने घोषणा की थी। तो सुप्रीम कोर्ट तक यह बयान नहीं दे सकता था कि पहले प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाया जाए हालांकि यह तो साफ है कि सरकार द्वारा लगाए गए सभी लॉक डाउन पूरी तरीके से फेल साबित हुए हैं। सरकार ने इन प्रवासी मजदूरों के लिए सिर्फ 4 घंटे का वक्त दिया था इन 4 घंटों में यह प्रवासी मजदूर क्या कर लेते क्या सुप्रीम कोर्ट तब यह बयान नहीं दे सकता था

हालांकि आज के समय में आधे आधे से ज्यादा प्रवासी मजदूर अपने घरों पर पैदल चल कर आ चुके हैं अभी भी मजदूर फंसे हुए हैं। जब कांग्रेस पार्टी ने 1000 बसें चलाने का ऐलान किया था तब 1000 बसों को योगी सरकार ने बड़ा गहराई से चेक किया था जिसमें 800 के लगभग बसी थी और बाकी गाड़ी ऑटो एंबुलेंस थी। जो 800 बसें थी कम से कम योगी सरकार उन बसों को तो चलने देती उनके सहारे प्रवासी मजदूर अपने घरों पर पहुंचते।

जब देश में पहला लोक डाउन लगा था तभी प्रवासी गरीब मजदूर अपने घरों के लिए सामान बांधकर पैदल निकल पड़े थे उस वक्त ना सरकार ने सुन ली थी ना मीडिया ने सुध ली थी मीडिया तो जमातीयों के सहारे मुस्लिमों को टारगेट करने में व्यस्त था। सोशल मीडिया पर मजदूरों के पैदल चलते हुए वीडियो आने लगे । लेकिन प्रवासी मजदूरों के फोटो और वीडियो पर भी न सरकार जागी ना मीडिया जागा और ना ही हमारा सुप्रीम कोर्ट

सड़कों पर गर्भवती महिलाएं पैदल चलती रही रोज लाखों की संख्या में गरीब मजदूर सड़कों पर पैदल चल रहे थे उस वक्त ना तो उनके पास खाने को भोजन था और ना ही कोई पैसा। इतना सब होने के बाद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी राष्ट्र को संबोधित करते हुए जब 8 बजे टीवी पर आए। तब उन्होंने मजदूरों को लेकर कोई चर्चा नहीं की बल्कि मजदूरों को आत्मनिर्भर बनाकर चले गए।

प्रधानमंत्री जी मजदूर पहले लॉक डाउन के लगते ही उसी वक्त आत्मनिर्भर बन गया था। जैसे ही आप ने लॉक डाउन की घोषणा की थी उसे सिर्फ 4 घंटे का वक्त मिला था लेकिन आपने थाली ताली बजाने के लिए 4 दिन का वक्त दिया था। मजदूर तो आपके भाषण के बाद ही आत्मनिर्भर बनकर पैदल निकल पड़े थे और अब आधे से ज्यादा मजदूर पैदल चल कर आ चुके हैं तब 3 महीने बाद सुप्रीम कोर्ट अब यह राज्य सरकार और केंद्र सरकार को ये आदेश दे रहा है कि 15 दिनों में सभी प्रवासी मजदूर घर पहुंचाएं जाएं।