अर्थव्यवस्था की गाड़ी पटरी से गायब हो गयी है , और मोदी सरकार कोरोनावायरस के खत्म होने के बाद अर्थव्यवस्था को छोड़कर इन मुद्दों पर बापस लौटेगी

मोदी सरकार जहां अपने पिछले 6 सालों के कार्यकाल का गुणगान कर रही है और देश की जनता को योगदान गिना रही है। वहीं भारतीय जनता पार्टी का सबसे बड़ा योगदान यह है की अर्थव्यवस्था की गाड़ी का बैल खुल कर भाग गया है। और उसके पहिए भी खुलकर निकल गए। अर्थव्यवस्था तो हमारी मोदी सरकार के पिछले शासनकाल से ही ध्वस्त हो गई थी। लेकिन भारतीय जनता पार्टी प्रचारक मीडिया हमारे देश की अर्थव्यवस्था की तुलना पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था से करती रही और देश की जनता को बेवकूफ बनाया गया। कोरोना वायरस मरीजों की संख्या 2 लाख पार हो गयी है

हालांकि जब देश में कोरोनावायरस का संकट फैला हुआ है इसमें भी भारतीय जनता पार्टी राजनीति करने में पीछे नहीं रहती। वह मुद्दों पर श्रेय लेना जानती है। धर्म का सही तरीके से फायदा लेना जानती है। और अर्थव्यवस्था डूबने का मुख्य कारण है नोटबंदी। हालांकि पिछले शासनकाल में मोदी सरकार ने जो फैसले लिए थे अगर उन फैसले को लाकर जनता के सामने चुनाव लड़ते । तो इन्हें जनता को समझाने में बहुत मेहनत करनी पड़ती।

क्योंकि मोदी सरकार 2019 में जब जीतकर आई थी तो भारतीय जनता पार्टी में पुलवामा हमले का भरपूर श्रेय लिया था। पुलवामा में शहीद जवानों के फोटो लगाकर वोट मांगे गए थे। लेकिन आज तक उस पुलवामा का खुलासा नहीं हो पाया। और न ही मीडिया में इसकी कोई चर्चा हुई। और 2019 में यह सरकार बेरोजगारी अर्थव्यवस्था जीडीपी इन मुद्दों पर नहीं बल्कि राष्ट्रवाद के मुद्दों पर लौट कर आई थी।

2014 में भी 56 इंच की छाती बता कर बड़ी-बड़ी बातें कहीं गई थी चीन को लाल अंगार वाली आंखें दिखाने की बात कही गई थी लेकिन वही चीन हमारी सरहद के 3 किलोमीटर अंदर घुस आया है। और ट्विटर पर जो दो 2 प्रति ट्वीट वाले भक्त है ना वह चीन को मात देने के लिए ट्रंप और इजराइल का ज्ञान पेल रहे हैं। और इस मुद्दे पर हमारा मीडिया बिल्कुल खामोश पड़ा हुआ है। क्योंकि वह जाहिर नहीं होने देता कि चीनी सेना हमारे देश में घुस आई है क्योंकि इस खबर से भारतीय जनता पार्टी की छवि खराब हो जाएगी।

जनता का सारा ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तान को लेकर बड़ी-बड़ी खबरें चलाई जा रही हैं। वैसे हमारा मीडिया है ना यह भारत से ज्यादा पाकिस्तान की खबरों पर निर्भर रहता है। मीडिया को भारत से ज्यादा पाकिस्तान की फिक्र लगी रहती है। अगर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था खराब हो जाए तो उस पर चर्चाएं होने लगती हैं। पाकिस्तान भूख से मर रहा है पाकिस्तान भीख मांग रहा है कि इमरान कटोरा लेकर जाएंगे यह तमाम खबरों पर भारत की मीडिया डिबेट कर रही है। और भक्त है ना वह इस कार्यक्रमों का आनंद ले रहे हैं।

हालांकि गोदी मीडिया के कार्यक्रम मैं पूछता तो है भारत लेकिन 6 साल बाद भी विपक्ष से पूछता है। गरीब मजदूर पैदल चल चल कर घर पहुंचते रहे ट्रेन इधर से उधर घूमती रही लेकिन इन पर गोदी मीडिया ने चर्चा ही नहीं की क्योंकि चर्चा करते तो इससे भारतीय जनता पार्टी की छवि खराब होती। कोरोना वायरस पर कोई कंट्रोल नहीं है और जब स्थिति काबू से बाहर हुई तो मोदी सरकार ने लोगों को आत्मनिर्भर बना दिया।

लेकिन द प्रिंट की खबर के मुताबिक अब मोदी सरकार कोरोना वायरस से खत्म होने के बाद अपने पुराने मुद्दों पर लौटेगी। मोदी सरकार के वही मुद्दे हैं जो मुद्दे भक्तों के दिमागों में बसे हुए हैं। कोरोना वायरस खत्म होने के बाद नागरिकता संशोधन कानून , एनआरसी , एनपीआर , इन तमाम मुद्दों पर सबसे पहले लौटेगी। क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था जरूरी नहीं है पहले नागरिकता संशोधन कानून एनआरसी एनपीआर करना बहुत जरूरी है।

क्योंकि अब नागरिकता संशोधन कानून के तहत अब हमारे देश में मुसलमान को छोड़कर कोई भी धर्म का नागरिक शरण ले सकता है। चाहे वह कोई भी वायरस लेकर हमारे देश में घुस जाए। या कोई आतंकवादी हमारे देश में घुस आसानी से घुस सकता है। क्योंकि इस देश में जिसने जन्म लिया है वह देशभक्त नहीं हैं जो दूसरे देशों में हैं। वह सभी देशभक्त है। मोदी सरकार अपने देश का हिंदू दिख नहीं रहा और पाकिस्तान अफगानिस्तान बांग्लादेश में हिंदुओं की फिक्र सता रही है।

लेकिन अगर इस कानून के तहत अगर कोई भारत में शरण लेता है तो क्या पता वह किसी आतंकवादी संगठन से जुड़ा हुआ हो या उसमें कोरोनावायरस जैसी खतरनाक बीमारी हो। और दूसरे देश का नागरिक हमारे देश में आसानी से घुस सकता है। और नागरिकता संशोधन कानून एनआरसी एनपीआर में कितना खर्चा आएगा यह सिर्फ असम में हुए इस कार्यक्रम से लगाया जा सकता है। हमारी अर्थव्यवस्था की गाड़ी के पहिए पहले ही डगमगा गए थे लेकिन कोरोनावायरस की वजह से हमारी अर्थव्यवस्था की गाड़ी के पहिए निकल गए हैं। और उसे दोबारा शुरू करने की जरूरत है।

और अगर मोदी सरकार इन मुद्दों पर वापस आती है तो हमारी अर्थव्यवस्था उन देशों की तरह ही हो जाएगी जिन देशों की अर्थव्यवस्था चिंता हमारी गोदी मीडिया को रहता है।