सभी लॉक डाउन पूरी तरीके से फेल , और संकट के दौर में भी बीजेपी गिना रही है 6 साल की उपलब्धियां , पढ़े पूरी ख़बर

संकट कोई भी हो स्थिति कोई भी हो लेकिन भारतीय जनता पार्टी प्रचार करने में पीछे नहीं रहती। मजदूर घर वापस नहीं लौट पा रहे हैं गरीब भूख से मर रहा है और इन गरीबों की आवाज छुपाने के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार गोदी मीडिया है जो इस पर पूरी तरीके से पर्दा डाले हुए हैं। जिन पत्रकारों को इन गरीब मजदूरों के लिए आवाज उठानी चाहिए इस देश की जो समस्याएं हैं उन पर सवाल उठाने चाहिए लेकिन यह करने के बजाय यह भी बीजेपी के प्रचार में जुट गए हैं और मोदी सरकार के 6 साल की उपलब्धियां गिना रहे हैं वाह

जब जब मोदी सरकार घेरे में आती है तब तक सरहदों पर तनाव बढ़ जाता है दुश्मन ज्यादा परेशान करने लगते हैं। इसी तनाव में धर्म और राष्ट्रवाद का धतूरा चटा कर यह जनता को गुमराह करते हैं। और इनका पूरी तरीके से सहयोग गोदी मीडिया करती है। इस तरीके से गुजरात में गरीबों के छिपाने के लिए दीवार खड़ी कर दी जाती है उसी तरीके से गरीबों को मुद्दों को छुपाने के लिए गोदी मीडिया भी सत्ता और जनता के बीच दीवार बन गयी है ।

अब पिछले 6 सालों में मोदी सरकार की उपलब्धियां क्या क्या रही है । मोदी सरकार की उपलब्धियां जैसे तीन तलाक , नागरिकता संशोधन कानून ,धारा 370 राम मंदिर है। जब कश्मीर हमारा है कश्मीरी भी तो हमारे हैं। नागरिकता संशोधन कानून के तहत दूसरे देशों में हिंदू पारसी बौद्ध धर्म की चिंता तो हो रही थी लेकिन अपने देश की जनता सड़कों पर भूखा मर रहा है उसकी कोई चिंता नहीं। इस देश के प्रवासी मजदूर अपने प्रदेश घर नहीं लौट पा रहे हैं और चिंता हो रही है दूसरे देश के हिंदुओं की।

कोरोना वायरस के मामले अब लगातार बढ़ रहे हैं और यह आंकड़ा दो लाख को छूने वाला है। मोदी सरकार अपनी पिछले 6 साल की उपलब्धियों को इन गोदी मीडिया के पत्रकारों के सहारे गिना रही है । जब लॉक डाउन लगाया तो गरीब मजदूरों को सिर्फ 4 घंटे का टाइम दिया गया लेकिन जब मोमबत्ती घंटी कार्यक्रम कराया तो 4 दिन का वक्त दिया गया।

लेकिन अब गुजरात सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है जिससे वह कोरोनावायरस को आसानी से मात दे सकते हैं अब उन्होंने टेस्टिंग कम कर दी है और वहां कोरोनावायरस के मामले भी कम आने लगे हैं। और जबकि हकीकत यह है कि अगर कोरोनावायरस की टेस्टिंग कम होगी तो यह सरकार सिर्फ आंकड़े छुपा सकती है कोरोना वायरस के मरीजों को नहीं। वो कहावत तो आपने सुनी होगी कि रेत में गर्दन दफन कर लेने से मुसीबत टल नहीं जाती है।

ज़ी न्यूज़ का एक पत्रकार है सुधीर चौधरी जिसका न्यूज़ रूम कोरोना वायरस संक्रमण से घिर चुका है। और ऑफिस भी सील हो चुका है। लेकिन फिर भी वह अपने कर्मचारियों को आने पर जोर दे रहा था। इस जी न्यूज़ पर कार्यक्रम भी लगातार चल रहे हैं। और यह पत्रकार झूठ फ़ैलाने के आरोप में तिहाड़ जेल काट चुका है। और मोदी सरकार की चाटुकारिता के चक्कर में इसने 2000 के नोट में चिप भी बताई थी। और झूठी खबरें चलाने के आरोप में इस पर एफआईआर भी हो चुकी है। और इसने अपने कार्यक्रम के दौरान कहा था कि अगर धरती पर कोरोनावायरस पूरी तरीके से फैल जाए तो क्या होगा तब इसने अंतरिक्ष में बने सेटेलाइट होटल में रहने का यह तिहारी पत्रकार ज्ञान दे रहा था। देखिए इसका यह वीडियो

लेकिन इसके बावजूद भी भारतीय जनता पार्टी के एक नेता इस तिहाड़ी पत्रकार को निष्पक्ष पत्रकार बताती हैं। और यह भारतीय जनता पार्टी के नेता आगे भी तारीफों के पुल बांधती हैं। लेकिन यह पत्रकार कितनी निष्पक्षता से पत्रकारिता करता है यह देश की जनता अब जान चुकी है क्योंकि अगर यह पत्रकार निष्पक्षता से पत्रकारिता करता तो इसे तिहाड़ जेल से ना जाना पड़ता।

वहीं आज तक की पत्रकार अंजना ओम कश्यप कांग्रेस से पूछती है कि कांग्रेस की लॉक डाउन पर नीति क्या है। अरे आप सत्ता में बैठे नेताओं से पूछिए कि लॉक डाउन पर नीति क्या रही जो कि इस देश की जनता घर में बैठकर चार लॉक डाउन पार करने वाली है। और पांचवा लॉक डाउन सर पर खड़ा है। मजदूरों के सड़कों पर ऐसे ऐसे वीडियो सामने आए हैं जिसे देखने की हिम्मत जुटाने पड़ती है लेकिन फिर भी यह पत्रकार विपक्ष से सवाल पूछ रही हैं। देखिए इनका यह ट्वीट