अब इस न्यूज़ चैनल में फैल गया कोरोना संक्रमण , टीआरपी के चक्कर में खतरे में डाल दी कर्मचारियों की जिंदगी , पढ़ें पूरी खबर

पहले जी न्यूज़ में कोरोनावायरस था जिसके बाद वहां के पुलिस प्रशासन को मजबूरन ज़ी न्यूज़ के ऑफिस को सील करना पड़ा। लेकिन अब कोरोना वायरस संक्रमण TV9 भारतवर्ष में फैल गया है इस चैनल के कर्मचारियों में से 8 कर्मचारियों को कोरोनावायरस पॉजिटिव पाया गया है। लेकिन जिस तरीके से जी न्यूज़ में कर्मचारियों को धमकाकर काम पर आने को कहा था। वैसे ही इस चैनल में भी कर्मचारियों को काम पर आने को कहा जाता रहा। और इसी कारण अब TV9 भारतवर्ष में 8 कोरोनावायरस पॉजिटिव केस पाए गए हैं

पता तब चला जब 29 मई को TV9 भारतवर्ष के दफ्तर में रिव्यू मीटिंग चल रही थी जिसमें टीआरबी को लेकर चर्चा हो रही थी। फिर मीटिंग में कर्मचारियों ने अपनी परेशानियों को साझा किया। क्योंकि TV9 भारतवर्ष चैनल में 8 कोरोनावायरस पॉजिटिव केस आ चुके हैं। इन 8 लोगों में से एक महिला एंकर को भी कोरोनावायरस पॉजिटिव हो गया है। और इस खतरे को आता देख कर्मचारियों में हड़कंप मच गया सभी लोग इस कोरोनावायरस से निबटने के लिए तरीका खोजने लगे।

इसी के चलते उन सभी कर्मचारियों ने अपने प्रशासन से शिकायत की कि वे सभी कर्मचारियों की कोरोनावायरस पॉजिटिव टेस्टिंग कराएं। क्योंकि सभी कर्मचारी अगर ऐसे ही ऑफिस आते रहे तो एक दिन वह आएगा कि सभी कर्मचारी कोरोनावायरस पॉजिटिव हो जाएंगे। और इस पर सभी कर्मचारियों ने कहा कि जब तक सभी कर्मचारियों की टेस्टिंग नहीं हो जाती वह काम पर नहीं आएंगे।

लेकिन ये चैनल सिर्फ मोदी सरकार का गुणगान करता है

न्यूजलॉन्ड्री की खबर के मुताबिक इन कर्मचारियों की समस्या सुनने के बाद चैनल प्रबंधक ने बड़ा अजीबोगरीब जवाब दिया। प्रबंधक कर्मचारियों से बोले कि अगर किसी कर्मचारी का टेस्ट कराया जाएगा तो कम से कम दो-तीन दिन उसे आइसोलेशन में भेजना होगा। और यदि हमने अपने कर्मचारियों को दो-तीन दिन आइसोलेशन में भेज दिया तो हमारा चैनल बंद हो जाएगा। जैसे-तैसे तो इस चैनल की टीआरपी बढ़ी है। और कर्मचारियों को जांच के लिए भेज कर चैनल का सारा काम रुक जाएगा। और अंत में प्रबंधक बोले कि हम किसी की जांच नहीं कराएंगे यह जांच कराने का हमारा काम नहीं है।

न्यूजलॉन्ड्री की खबर के मुताबिक एक महिला खबर प्रसारित करने जा रही थी। और मेकअप के लिए रूम में गई थी। आपको बता दें इन महिला एंकर का जांच के लिए सैंपल जा चुका था मेकअप के दौरान ही इनको एक फोन आता है और फोन पर इन्हें कोरोनावायरस होने की जानकारी मिलती है। फोन पर एक व्यक्ति इन महिला एंकर से कहता है कि आपकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। तब यह महिला एंकर चैनल में बिना कुछ कहे सीधे अपने घर आ जाती हैं।

लेकिन सबसे बड़ी बात तो यह है कि इस चैनल में बड़े-बड़े कार्यक्रम प्रसारित हुए हैं और इस कार्यक्रम में कई बड़े नेता भी आए हैं। और सभी नेताओं और कर्मचारियों की एक साथ उठ बैठ हुई है जिससे इन नेताओं में और कर्मचारियों में खतरा और भी बढ़ गया है। क्या इस चैनल और नेताओं को कोरोनावायरस का डर बिल्कुल नहीं लग रहा था। अब इस चैनल ने टीआरपी के चक्कर में सभी कर्मचारियों की जिंदगी खतरे में डाल दी है।

कुछ दिन पहले ऐसे ही कोरोनावायरस जी न्यूज़ में फैल गया था लेकिन उसमें भी लोग डिबेट के लिए आते रहे और पहले एक व्यक्ति कोरोना वायरस पाया गया था उसके बाद 28 लोग कोरोनावायरस संक्रमित पाए गए थे। और इस चैनल ने भी टीआरपी के चक्कर में अपने सभी कर्मचारियों की जिंदगी खतरे में डाल दी थी। लेकिन इतने कोरोना पॉजिटिव के आने के बाद फिर भी इन दोनों ही चैनलों में कार्यक्रम चालू रहे।

जिस तरीके से न्यूज़ चैनल जनता को सोशल डिस्टेंसिंग रखने को मास्क लगाने को सैनिटाइजर करने को हाथ धोने को सुझाव दे रहे हैं यह अपने कर्मचारियों के साथ क्यों नहीं करते क्यों टीआरपी के चक्कर में उनकी जिंदगियां खतरे में डाल रहे हैं। और इनके चैनलों में जो मेहमान बनकर डिबेट में आते हैं वह भी कोरोनावायरस के शिकार हो रहे हैं। क्योंकि इस चैनल में कोरोनावायरस पॉजिटिव के आने के बाद भी कर्मचारियों पर काम पर आने पर जोर दिया जा रहा था और जब कर्मचारियों ने टेस्ट कराने की बात कही तब इनको धमकाया गया कि कोरोनावायरस का टेस्ट कराना कंपनी का काम नहीं है।

लेकिन सवाल यह है कि इन चैनलों में कोरोनावायरस कौन फैला रहा है क्योंकि जी न्यूज़ ने भी कोरोना वायरस को लेकर तबलीगी जमात के सहारे सारे मुसलमानों को टारगेट करके न जाने कौन-कौन से वीडियो इन्होंने अपने न्यूज़ में प्रसारित किए थे जो की पड़ताल में सभी फर्जी पाए गए और उन वीडियो का वर्तमान के समय से कोई लेना-देना नहीं था वह पहले के वीडियो थे। लेकिन जी न्यूज़ और गोदी मीडिया के तमाम चैनलों ने वर्तमान का रंग देखकर उन वीडियो को बार बार प्रसारित किया। और तबलीगी जमात के सहारे सारे मुस्लिमों को टारगेट किया था।

लेकिन जब इन चैनलों में कोरोना वायरस संक्रमण फैला तब इन चैनलों को बंद कर देना चाहिए था क्योंकि आप देखते ही हैं कि किसी गली में एक कोरोना पॉजिटिव के निकल आए तो पूरा मोहल्ला एक-एक किलोमीटर तक सील कर दिया जाता। लेकिन यहां इस चैनल में तो 8 कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इस चैनल ने टीआरपी के चक्कर में सभी कर्मचारियों की जिंदगी खतरे में डाल दी है।