पीपीई घोटाला बीजेपी नेता का निकला इसलिए जाने दिया , विपक्ष का नेता होता तो गोदी मीडिया जमकर चीख-पुकार करती

इस वक्त देश में कोरोनावायरस फैला हुआ है और हर रोज 7000 से ज्यादा मरीज बढ़ रहे हैं। और प्रतिदिन बढ़ने वाले कोरोनावायरस मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। अगर आप टीवी जो खोलकर देखोगे। आपको लगेगा कि देश में कोरोनावायरस है ही नहीं और ना ही मजदूर पैदल चल रहे हैं। क्योंकि गोदी मीडिया पर मोदी का गुणगान गाया जाता है। और बे गरीब मजदूरों की खबर नहीं दिखा सकते उनके बस की बात नहीं। गोदी मीडिया केबल झूठा प्रोपगैंडा करना जानती है

देश कोरोनावायरस संकट दौर से गुजर रहा है लेकिन घोटाला करने वाले कोई न कोई जो जुगाड़ निकाल ही लेते हैं। सोशल मीडिया पर हिमाचल प्रदेश की पीपीई किट घोटाला ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह ऑडियो 43 सेकंड का है और इसमें दो लोग बात करते नजर आ रहे हैं। दोनों लोग इस वायरल ऑडियो में इस तरीके से बात करते हैं। जैसे एक दूसरे को बहुत अच्छे से जानते हो।

ऐसे 43 सेकंड के वायरल ऑडियो में एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को 5 लाख रुपये देने को कहता है। डील होने के बाद सामान डिलीवरी करने की बात होती है। और इसके बाद फोन काट दिया जाता है। ऑडियो वायरल होने के बाद हिमाचल बीजेपी के अध्यक्ष राजीव बिंदल ने तुरंत इस्तीफा दे दिया। और इस्तीफा देने के बाद तुरंत जेपी नड्डा तुरंत स्वीकार भी कर लेते है

लेकिन इससे पहले भी डॉक्टर राजीव बिंदल पर भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। आज से करीब 20 साल पहले डॉ राजीव बिंदल समेत अधिकारियों पर भर्ती में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगा था। लेकिन डॉक्टर बिंदल अब हिमाचल प्रदेश में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के पद पर थे। और जब भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश में सरकार बनाती है। तब इनका नाम कैबिनेट मंत्री बनाने वाली सूची में था। लेकिन इसके बाद हिमाचल प्रदेश में सरकार बनने के बाद इन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाता है

लेकिन अब हिमाचल प्रदेश के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर राजीव बिंदल डॉक्टर के ही जीवन से खिलवाड़ कर गए। डॉक्टरों कर डॉक्टरों के पीपीई किट में घोटाला कर गए। लेकिन गोदी मीडिया में इसको लेकर बिल्कुल खामोशी छाई हुई है इस बात को लेकर ना ही किसी ने आरपार किया ना पूछता है भारत की या ना डीएनए ने किया। कार्यक्रम की बात छोड़ो यह अपनी वेब पोर्टल पर भी इस खबर को जगह नहीं दे पाए।

अगर हां यह घोटाले की अगर ऑडियो किसी विपक्ष के नेता की होती तब हमारी गोदी मीडिया पूरी जान लगा देती। और रही बात ऑडियो सत्यापन की तो जांच से पहले ही ऑडियो को सही साबित गोदी मीडिया कर देती। तमाम प्रवक्ताओं को कार्यक्रम में इकट्ठा किया जाता और विपक्ष पर जमकर चीख-पुकार करते। लेकिन मामला भारतीय जनता पार्टी के नेता का निकला इसलिए गोदी मीडिया ने जाने दिया। अगर नेता विपक्ष का होता तो कम से कम 8 दिन लगातार चीख-पुकार होती।

लेकिन जब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का पीपीई किट घोटाला सामने आता है। तब मुख्यमंत्री इस पर कोई बात कहने को मना कर देते हैं। लेकिन बाद में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मीडिया के सामने आए और उन्होंने बाम बयान दिया कि डॉक्टर बिंदल ने जो इस्तीफा दिया है वह नैतिकता के आधार पर उन्होंने दिया है। उन्होंने आगे कहा कि इस पूरे मामले की जांच हो रही है जांच में जो आएगा उस पर कठिन से कठिन कार्रवाई की जाएगी।

वहीं इस घोटाले मामले पर विपक्ष ने भी जमकर हमला बोला। विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने अपने बयान में कहा कि भारतीय जनता पार्टी के पास इस्तीफे के अलावा कुछ भी नहीं है और डॉक्टर बिंदल ने जो इस्तीफा दिया है वो बेमानी है। लेकिन सबसे बड़ी दुख की बात यह है कि इतना कुछ हो जाने के बाद भी गोदी मीडिया में इस घटना को लेकर सन्नाटा छाया हुआ है। और गोदी मीडिया को इस खबर पर बिल्कुल सांप सूंघ गया है। तभी तो बॉलीवुड में एक कहावत थी। पीपीई किट घोटाला बीजेपी का निकला इसलिए जाने दिया अगर विपक्ष का होता तो कम से कम 8 दिन गोदी मीडिया चीख पुकार होती।