गरीब मजदूर तपती सड़क पर भूखा प्यासा पैदल चलता रहा , लेकिन बड़े बड़े एक्टर ताली , थाली , घंटी , बजाते रहे , पढ़े पूरा लेख

जब पहला लॉक डाउन लगा। तब मजदूर यही सोच रहे थे कि हो सकता है 21 दिन बाद सब ठीक हो जाए। लेकिन कुछ मजदूरों के पास इतना भी नहीं था कि वह 21 दिन किसी दूसरे प्रदेश में रुक कर अपने परिवार का पेट पाल सकें । लेकिन सबसे बड़ी हैरानी वाली बात तो यह है की मोमबत्ती घंटी बजाने के लिए 4 दिन का समय दिया गया लेकिन इन गरीब मजदूरों को सिर्फ 4 घंटे का वक्त दिया गया। प्रधानमंत्री जी यह गरीब मजदूर 4 घंटे में क्या कर लेते।

सोचो उस वक्त मजदूर के दिल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए कितनी आशा होगी जब वह टीवी खोल कर यह सोचता होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हमारे बारे में कुछ बोलेंगे आज हमारी समस्याओं का समाधान करेंगे। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर बार की तरह 8 बजे आए। और अपने मन से लिखा हुआ स्क्रिप्टेड भाषण देकर चले गए। उन्होंने अभी तक जितने भी भाषण दिए हैं उसमें किसी भी भाषण में पीएम मोदी ने इन गरीबों के लिए कोई चर्चा  तक नहीं की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों मजदूरों का जिक्र किया भी तो उन्हें आत्मनिर्भर बनने का ज्ञान देकर चले गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी गरीब मजदूर पहला लॉक डाउन लगने के बाद ही अपने आप आत्मनिर्भर बन गया था वह अपना सामान उठाकर अपने पैरों पर तपती सड़क पर भूख प्यास से व्याकुल होकर अपने घर लौट रहा था। और फिर इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज का ऐलान करते हैं। लेकिन इस पैकेज को समझाते समझाते 5 दिन लग जाते हैं निर्मला सीतारमण जी को पांच प्रेस कॉन्फ्रेंस करना पड़ती हैं लेकिन इस कांफ्रेंस में भी वह सवालों से बचती हुई नजर आई।

लेकिन अब भी सोशल मीडिया पर गरीब मजदूरों की रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीरें आ रही हैं। लेकिन इन गरीब मजदूरों पर सरकार और सरकार के कहने पर ताली थाली घंटी बजाने वाले सभी अपने घरों में खामोश पड़े हैं क्या यह वीडियो उन तक नहीं पहुंचा होगा। जब पहली बार कोरोना वायरस संकट में ताली थाली का प्रोग्राम हुआ तब बड़े-बड़े कलाकारों ने इस में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

किसी भी एक्टर ने यह नहीं सोचा कि हम यह थाली ताली क्यों बजा रहे हैं देश कोरोनावायरस के संकट से जूझ रहा है और देश में पीएम मोदी जनता से थाली ताली बजबाते हैं। इसमें हमारे सदी के महानायक अमिताभ बच्चन भी इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं वे भी अपनी छत पर अपने परिवार के साथ जमकर तालियां बजाते हैं।

जब एक मां सूटकेस पर अपने बच्चे को लिटा कर सूटकेस को रस्सी से खींच रही थी। सब ताली थाली बजाने वाले अनुपम खेर कहां थे। और अनुपम खेर तो बीजेपी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफों के पुल बांधे रहते हैं तो इन्हें तो शिकायत करनी चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी गरीब मजदूरों के साथ बहुत परेशानी हो रही है और इनका समाधान किया जाना चाहिए। लेकिन पीएम मोदी से शिकायत तो दूर ट्विटर पर मजदूरों के दुखों के तमाम वीडियोस पर अपना दुख जाहिर भी नहीं कर सके।

लेकिन मजदूर अपने पैरों को मजबूत करता गया और अपने घर की ओर बढ़ता गया। मजदूरों को रास्ते में कुछ फरिश्ते मिले जिन्होंने खाने-पीने का इंतजाम किया। और तपती सड़कों पर पैदल चलकर मजदूर घर पहुंचता रहा लेकिन यह बड़े-बड़े एक्टर अपने घरों की छत से ताली थाली घंटी बजाते ही रहे। लेकिन कुछ एक्टर हैं जिन्हें राजनीतिक पार्टियों से कोई मतलब नहीं है लेकिन इन गरीब मजदूरों के मदद के लिए सबसे आगे खड़े हुए हैं इन मजदूरों को घर पहुंचा रहे हैं और गरीब मजदूरों को खाने का इंतजाम भी कर रहे हैं। और यह अनुपम खेर जो सत्ता की वाहवाही करते रहते हैं यह थाली ताली घंटी बजाते रह गए।