बेटी अपने पिता को साइकिल पर बिठाकर घर ले आई , लेकिन भारतीय जनता पार्टी इसमें भी श्रेय लेने से नहीं चूकी , पढ़ें पूरी खबर

भारतीय जनता पार्टी चाहे देश में त्रासदी हो चाहे आपदा हो चाहे किसी गरीब की मजबूरी हो लेकिन भारतीय जनता पार्टी मौके पर चौका मारकर अपना श्रेय लेने से नहीं चूकती है । जब पुलवामा में हमला हुआ था और हमारे 40 जवान शहीद हुए थे तब उन जवानों के नाम पर भारतीय जनता पार्टी ने वोट मांगे थे। और चुनाव प्रचार में शहीद जवानों के फोटो लगाकर भरपूर श्रेय लिया। लेकिन आज तक कोई जांच एजेंसी यह नहीं बता पाई कि वह आरडीएक्स कहां से आया।

इस लड़की का नाम ज्योति है और लॉक डाउन में यह अपने बीमार पिता को साइकिल पर बिठाकर गुरुग्राम से बिहार लेकर आती है। और गरीब मजदूरों की इन घटनाओं से सरकार की विफलताए सामने आ रही हैं कि हमारे देश का सिस्टम कितना खराब है इन गरीब मजदूरों को मजबूरन सड़क पर पैदल चलकर घर पहुंचना पड़ रहा है। और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन गरीब मजदूरों को घर पहुंचने के लिए मात्र 4 घंटे का वक्त दिया। 4 घंटे में कौन कैसे घर पहुंच पाता लेकिन थाली में ताली बजाने के लिए अच्छा खासा समय दे दिया था। विदेश वालों को क्या पता कि हमारे देश के मजदूर कैसे-कैसे कर पहुंच रहे हैं।

इवांका ट्रंप को क्या पता की एक बेटी अपने बीमार पिता को साइकिल पर बैठा कर हजारों किलोमीटर का सफर तय करके घर लेकर आई है। लेकिन इवांका ट्रंप को यह क्या मालूम इस लड़की को सरकार की विफलताओं की वजह से साइकिल पर अपने पिता को बिठाकर सफर तय करना पड़ा। फिर उन्होंने यह ट्ववीट करके इस लड़की की तारीफ की थी

एक बेटी अपने बीमार पिता को मजबूरी में गुरुग्राम से बिहार लेकर आई लेकिन भारतीय जनता पार्टी इसमें अपना श्रेय लेने से बिल्कुल नहीं चुकी। इस घटना पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद किरण रिजिजू से यह अपील करते हैं कि ज्योति पासवान नाम की लड़की ने एक मुश्किल समय में अपने बीमार पिता को घर ले जाने का काम किया। और खेल के क्षेत्र में किरण रिजिजू ज्योति पासवान का परीक्षण करें। यह उनका यह ट्वीट।

इसके बाद ज्योति पासवान को लेकर रामविलास पासवान भी ट्वीट करते हुए किरण रिजिजू से की अपील करते हैं की पूरी दुनिया में साहस की मिसाल काम करने वाली यह लड़की ज्योति पासवान को साइकिलिंग के लिए छात्रवृत्ति की व्यवस्था करें जिससे साइकिलिंग प्रतिभा को और ज्यादा संवारा जा सके इसके बाद देखिए यह ट्वीट करते हैं।

लेकिन इन सब बातों पर ज्योति पासवान कहती हैं कि मुझे यह सब नहीं चाहिए और मुझे आगे पढ़ना है। लेकिन यह सरकार किस किस का परीक्षण करेगी लोग हजारों किलोमीटर तय कर करके अपने घर आए हैं किस-किस को खेल में भर्ती करेगी। गर्भवती महिलाएं पैदल चल चल कर अपने घरों पर पहुंची हैं। अभी कुछ दिन पहले एक महिला हाईवे पर गुजरात से अपने बच्चे को लेकर पैदल जा रही थी एक हाथ में सूटकेस था और दूसरे गोद में बच्चा। लेकिन इस पर यह सरकार बिल्कुल खामोश रही।