गुजरात के अस्पतालों की हालत बेहद खराब , हाईकोर्ट ने कहा कालकोठरी से भी ज्यादा बदतर हैं गुजरात के अस्पताल , पढ़ें पूरी खबर

मोदी जी ने भारत के गुजरात राज्य को गुजरात मॉडल के नाम से भारत में विज्ञापन के रूप में चुनावी रैलियों में प्रसारित किया गया था। जिस गुजरात मॉडल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के हर कोने में गुणगान गाया था। और इसी गुणगान से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री चुने गए। लेकिन जब भारत कोरोना वायरस के संकट से गुजर रहा है झूठ और प्रोपेगेंडा से फैलाई हुई वाहवाही की हकीकत सामने आ रही है।

मोदी जी के गुजरात मॉडल में कोरोनावायरस से अभी तक 829 मौतें हो चुकी हैं। और यह गुजरात उन राज्यों में से एक है जो सबसे ज्यादा कोरोनावायरस से मौत होने वाले राज्य हैं। अभी द बायर की एक खबर आई थी लेकिन गुजरात में जिसने यह वेंटिलेटर दिए थे वह भारतीय जनता पार्टी के बेहद करीबी इंसान हैं उन्होंने 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक सूट गिफ्ट के तौर पर दिया था।

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक कोर्ट ने अपने बयान में यह कहा था कि गुजरात में जो कोरोनावायरस से मौतें हो रही हैं उसका मुख्य कारण जो है वह वेंटिलेटर की कमी है। अगर गुजरात में वेंटीलेटर पर्याप्त मात्रा में हो जाएं तो कोरोनावायरस से मरने वालों के आंकड़ों को काबू में किया जा सकता है। लेकिन दोनों दिशाओं में हाथ फैला कर बड़ी-बड़ी बातें कहने में और करने में बहुत बड़ा फर्क होता है लेकिन जमीनी हकीकत सच्चाई आपके सामने अब आ रही है।

द वायर की खबर के मुताबिक हाईकोर्ट ने अपने बयान में कहा कि ऐसा लगता है कि गुजरात के अस्पतालों से तो काल कालकोठरी की हालत अच्छी होगी। और अगर हालात ऐसे ही रहे कोरोनावायरस से मरीजों की मौत होती रही तो अस्पतालों के हालात कालकोठरी से भी बदतर हो सकते हैं।