जी न्यूज़ के दफ्तर में 29 कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद , कर्मचारियों को धमकाकर दिया जा रहा है देशभक्ति का ज्ञान , सुधीर चौधरी …पढ़े पूरी खबर

लॉक डाउन से पहले जब दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात का कार्यक्रम चल रहा था और उसी वक्त संपूर्ण देश में लॉक डाउन किया गया था लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा था कि जो जहां है वहीं रहे। और यह जमाती वहीं रुके रहे। लेकिन फिर गोदी मीडिया को इस मामले का बहाना मिल गया। और फिर इस मामले को पूरी तरीके से हिंदू-मुस्लिम कर दिया गया। फिर ज़ी न्यूज़ के पत्रकार सुधीर चौधरी ने ज़मतियों के जरिए पूरे मुस्लिम को टारगेट करना शुरू कर दिया था

लेकिन जब ज़ी न्यूज़ के दफ्तर में 51 लोगों की जांच होती है तो उसमें 28 लोग कोरोनावायरस पाए जाते हैं। लेकिन फिर भी इस न्यूज़ चैनल में कार्यक्रम नहीं रुके कर्मचारियों को धमकी दे देकर काम कराया गया। न्यूजलॉन्ड्री की खबर के मुताबिक एक कर्मचारी ने जी न्यूज के ऑफिशियल व्हाट्सएप ग्रुप में पोस्ट किया ‘ कि जब जी न्यूज के दफ्तर में इतने सारे लोग एक साथ काम कर रहे हैं तो हमें भी इस बात का डर हो रहा है कि हम भी कहीं इस कोरोनावायरस के शिकार तो नहीं हो गए।

और सभी लोग यही चाहते हैं किन लोगों का कोरोनावायरस टेस्ट हो जाए और लोगों को वर्क फ्रॉम होम करने की अनुमति दी जाए और टेस्ट कराने के बाद जरूरी लोगों को ही ऑफिस आने दिया जाए लेकिन इसके बाद सुधीर चौधरी ने अपने कर्मचारियों को धमकाते हुए कहा ‘ कि कल से मैं यह सुनना नहीं चाहता कि किसी को खांसी आ रही है किसी को सर्दी हो गई है किसी को बुखार आ गया है । सुधीर चौधरी धमकी देते हुए आगे कहा कि यह सब तो खांसी बुखार ठीक हो जाएगा लेकिन और चीजें फिर कभी ठीक नहीं होंगी । आगे धमकी देते हुए कहा कि ” ध्यान रहे”

इसके बाद यह पत्रकार अपने कर्मचारियों को देशभक्ति का पाठ पढ़ाने लगा। और ऐसे तमाम तरीके के बयान देने लगा की ज़ी न्यूज़ कोरोनावायरस से लड़ रहा है। और देश में फेक न्यूज़ के लिए ज़ी न्यूज़ लड़ रहा है साथ ही ट्विटर ट्रेंड करने लगा जी वॉरियर। लेकिन सवाल यह है कि यह खुद न्यूज़ चैनल हर दिन अलग-अलग झूठी खबरें फैलाता है और इस चैनल ने जमातीयों को लेकर कई झूठी खबरें चलाई जिसका खुलासा उत्तर प्रदेश पुलिस ने किया था।

बल्कि हकीकत तो यह है कि अगर गोदी मीडिया फेक न्यूज़ फैलाना बंद कर दे तो देश की आधी नफरतें खत्म हो जाएंगे और फिर देश से नफरती वायरस खत्म हो जाएगा और सिर्फ कोरोनावायरस रह जाएगा जिससे देश कोरोनावायरस से आसानी से लड़ सकेगा।

ज़ी न्यूज़ का पत्रकार अपने शो में कहता है कि ज़ी न्यूज़ की टीम संदेश के लिए लड़ रही है क्या इस जी न्यूज़ के पत्रकार ने डॉक्टरों की समस्याओं को लेकर सभी सवाल उठाए हैं जो गरीब मजदूर पैदल चल रहे हैं भूख से सड़क पर मर रहे हैं उनके लिए इस पत्रकार ने कभी सवाल उठाए हैं कभी सरकार से सवाल पूछने की हिम्मत की है। गर्भवती महिलाएं सड़क पर पैदल चलने को मजबूर है लेकिन फिर भी इस पत्रकार ने कभी सरकार से सवाल किया है और जिसमें यह पत्रकार दावा कर रहा है कि जी न्यूज की टीम देश के लिए लड़ रही है।

प्रशांत भूषण ने भी इस पत्रकार को लेकर सवाल उठाए और कहा कि अगर सब लोग चाहते हैं तो क्यों ना उनका टेस्ट हो जाए और उन लोगों को वर्क फ्रॉम होम दिया जाए आगे उन्होंने कहा कि क्या इसे तिहाड़ नहीं भेजा भेजा जाए।

जब जी न्यूज़ के ऑफिस में 15 मई को पहला केस आया तो इस पत्रकार ने देशभक्ति की तमाम चीजों को जरूर कर वाहवाही बटोरने लगा और कर्मचारियों को धमकाकर देश भक्ति का ज्ञान देकर उन्हें दफ्तर आने को कहा गया जिसके चलते हुए जी न्यूज़ के दफ्तर में 29 लोग को रोना पॉजिटिव पाए गए। इसका जिम्मेदार कौन है क्या इस घड़ी में जब जी न्यूज के ऑफिस में कोरोनावायरस संक्रमित मरीज पाए गए हैं तो इस ऑफिस को बंद कर देना चाहिए कि नहीं चाहिए।

आज देश में कोरोनावायरस के मामले तेजी लगातार बढ़ रहे हैं । कल 24 घंटे में से हजार से ऊपर मामले सामने आए हैं। लेकिन इस पत्रकार सुधीर चौधरी ने पहले भी कई फेक न्यूज़ फैलाई हैं इसने कभी कहा था कि 2000 के नोट में चिप लगी होती है। इसके बाद जब शुरुआत में कोरोनावायरस के मामले बढ़ रहे थे तब यह पत्रकार भारतीयों को कोरोनावायरस से बचने के लिए अंतरिक्ष में बने होटल में रहने की सलाह देता है यानी भारत का गरीब अपने घर नहीं पहुंच पा रहा है और यह पत्रकार अंतरिक्ष में बने होटल में रहने की सलाह दे रहा। और इसके बाद भी यह पत्रकार कहता है कि जी न्यूज़ से खबरों से लड़ रहा है। हद है “थोड़ी शर्म करो और मर्यादा में रहो”