105 करोड़ रुपए में बनी थी यह सड़क , 3 महीने भी नहीं चल पाई यह सड़क , सड़क पर हुए गड्ढे ही गड्ढे ,

जब भारत में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम रखा उस समय कई बड़े काम किए गए । पहला काम यह किया गया कि जो गरीब सड़क के किनारे बसे हुए थे उन्हें ढकने के लिए एक दीवार बनाई गई। ताकि ट्रंप साहब आएं और ट्रंप साहब की नजर इन गरीबों पर ना पड़े। और साथ में गोदी मीडिया ने इस कार्यक्रम की जमकर तारीफ की इस कार्यक्रम से देश को बड़ा फायदा होने वाला है।

जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम रखा तो गोदी मीडिया और सोशल मीडिया पर कुछ लोग यह ज्ञान दे रहे थे कि इस कार्यक्रम से देश के लिए बहुत फायदा होगा । बड़ी बड़ी डील की जाएगी वह क्या डील होगी कोई नहीं जानता था। और सोशल मीडिया पर अंधभक्त यह भी ज्ञान दे रहे थे कि दुनिया के दो सुपर पावर नेता एक कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं।

लेकिन सच्चाई तो यह थी दोस्तों की इस कार्यक्रम से भारत के लिए कोई भी फायदा नहीं हुआ था बल्कि भारत का नुकसान ही हुआ था । इस कार्यक्रम में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहारे अमेरिका में रह रहे भारतीयों के वोटों को लुभाने के लिए आए थे। क्योंकि आने वाले कुछ दिनों बाद वहां चुनाव होने वाला था लेकिन अब कोरोनावायरस संक्रमण की वजह से वह चुनाव आगे टल सकता है

इस कार्यक्रम की लागत कई हजार करोड़ रुपए आई थी । और गरीबों को ढकने के लिए दीवारें बनाई गई। जिस गुजरात मॉडल का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर जिक्र किया करते हैं उसी गुजरात मॉडल की सड़कें आनन-फानन में दोबारा बनवाई गई।

अमर उजाला की खबर के मुताबिक यह सड़क 3 महीने भी नहीं चल पाई और सड़क धस गई सड़क में गड्ढे ही गड्ढे हो गए है। जब इस सड़क पर लोग अपनी गाड़ियां लेकर निकलते हैं तब इन गड्ढों से लोग बच कर निकल जाते हैं यह सड़कें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आनन-फानन में बनवाई थी।

24 फरवरी को अहमदाबाद में लाखों की भीड़ में विदेशियों के साथ यह कार्यक्रम किया जाता है और ठीक 1 महीने बाद पूरे देश को कोरोनावायरस के चलते हुए लॉक डाउन कर दिया जाता है । और आज गुजरात में कोरोना वायरस के मामले भारत में दूसरे नंबर पर हैं।