कभी पीएम मोदी ने कहा था कि मनरेगा आप की विफलताओं का जीता जागता स्मारक है , लेकिन आज सरकार ने उसी मनरेगा के लिए 40 हज़ार करोड़ रुपए देने का ऐलान किया है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब सत्ता में आए तब उन्हें कांग्रेस द्वारा बनाई गई योजनाएं बेकार लगने लगी कांग्रेस पार्टी ने भारत को स्वच्छ रखने के लिए निर्मल भारत अभियान चलाया लेकिन जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्ता में आए तो उन्होंने इसका नाम स्वच्छ भारत अभियान रख दिया। यानी अभियान वही रहा केवल नाम बदल दिया गया। और इस अभियान को विज्ञापन के तौर पर जोरों शोरों से इस्तेमाल किया गया ।

आपको बता दें कांग्रेस पार्टी ने मजदूरों के लिए मनरेगा योजना बनाई । योजना में मजदूरों के जॉब कार्ड बनाए गए और मजदूर इस योजना के तहत मजदूरी करते थे और उनका मजदूरी का पैसा उनके खाते में आता था। इस योजना से मजदूरों को यह फायदा था कि अगर मजदूर को कहीं मजदूरी नहीं मिल रही है तो वह यहां काम कर सकता था और अपना पेट पाल सकता था।

इस योजना में कच्ची सड़कें , तालाब , मजदूर खोदने का काम करते थे गांव गांव से कच्ची सड़कें जोड़ी जाती थी। चकऱोडों का चौड़ीकरण और सड़क पर गड्ढे पाटने का काम मजदूर किया करते थे। जिससे मजदूरों की अच्छी-खासी आमदनी हो जाती थी लेकिन जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश में सरकार बनी तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मजदूरों की विफलता वाली योजना बताई।

लेकिन आज कोरोनावायरस के चलते हुए जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहत पैकेज का ऐलान किया है उसमें सरकार ने मनरेगा के लिए 40 हजार करोड़ से ज्यादा रुपए देने का ऐलान किया है। लेकिन प्रधानमंत्री जब सत्ता में आए थे तब उन्होंने एक बयान दिया था कि यह जो मनरेगा है यह आप की विफलताओं का जीता जागता स्मारक है। लेकिन आज कोरोनावायरस के चलते हुए आज वही स्मारक मजदूरों के लिए काम आ रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे अपने बयान में कहा कि आजादी के 60 साल बाद भी आपको लोगों के लिए गड्ढे खोदने के लिए भेजना पड़ा। और यही मजदूरों के लिए गड्ढे खोदने वाली योजना आप की विफलताओं का स्मारक है। और आगे कहते हैं और गाजे-बाजे के साथ इस स्मारक का ढोल पीटता रहूंगा। देखिए प्रधानमंत्री का बयान