निजामुद्दीन जमात को लेकर मीडिया में फिर हिंदू मुस्लिम

जब भारत में कोरोनावायरस का खतरा बढ़ा तो हमारे भारत में सभी नेताओं ने विवादित बयान देना बंद कर दिए सारे चैनलों पर हिंदू-मुस्लिम बंद हो गया सब कुछ शांत था अपने भी मीडिया पर कोरोनावायरस से संबंधित चल रही थी लेकिन जैसे ही निजामुद्दीन जमात का के सामने आता है मीडिया में आंधी सी आ जाती है आपको बता दें इस जमात का कार्यक्रम 15 मार्च से चल रहा था और इसमें करीब 2000 लोगों ने हिस्सा लिया इसमें ढाई सौ लोग बाहर के थे यानी विदेश के। लेकिन यह कार्यक्रम चलता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एलान करते हैं कि जो जहां है वही रहेगा और फिर भारत में लोग डाउन हो जाता है ऐसे में यह जमात के लोग वही फस जाते हैं।लेकिन मेरा एक सवाल है कि अगर यह 250 लोग विदेश से आए थे तब इनकी एयरपोर्ट पर रोककर जांच क्यों नहीं की गई अगर इन्हें एयरपोर्ट पर रोका जाता इनकी जांच होती तो हो सकता था कि हमारे भारत में इसके केस ना बढ़ते। अब जैसे ही यह केस मीडिया में आता है वैसे ही सभी चाटुकार मीडिया हिंदू मुस्लिम करने में सक्रिय हो जाते हैं

जब से भारत में कोरोनावायरस का संक्रमण फैला है तब से भारत की मीडिया में हिंदू मुसलमान कुछ दिनों के लिए बंद हो गया था लेकिन जैसे ही कल निजामुद्दीन का केस आया और मीडिया में जैसे ही निजामुद्दीन जमात को लेकर चाटुकार मीडिया में हलचल मच गई और फिर वही प्रोपेगेंडा होने लगा न्यूज़ प्रोग्राम बनने लगे और सभी न्यूज़ चैनल इस खबर को लेकर सक्रिय हो गए यह तब बिल्कुल निष्क्रिय थे जब मजदूर अपने घर को आने को मजबूर था बाहर लॉक डाउन में फंसे लोग भूख से तड़प रहे थे तब यह लोग अपने मुंह पर ताला लगाकर बैठे थे कुछ लोग घटिया प्रोपेगेंडा करके प्राइमटाइम भी करा और लोगों में वही जहर घोला जो पिछले कई सालों से गोलते आ रहे हैं सोशल मीडिया पर वीडियोस वायरल होने लगे मीमस वायरल होने लगे । ट्विटर पर तमाम तरीके के टोटल ट्रेन चलने लगे और घटिया किस्म के टि्वटर ट्रेंड को ट्रेंडिंग में लाया गया वही एक पत्रकार हैं जो इस घटना को लेकर उन्होंने अपने कार्यक्रम में यह बताया कि यह कोरोना जिहाद है ही वही लोग हैं जो लगातार सत्ता के तलवे चाटते हुए आए हैं और इन्होंने झूठ का प्रचार प्रसार किया है जैसे ही निजामुद्दीन खबर देश में फैली देश में वरिष्ठ पत्रकारों ने बता दिया कि अब इस मीडिया में हिंदू-मुस्लिम सक्रिय हो जाएगा क्योंकि इनकी टीआरपी सिर्फ हिंदू मुस्लिम तक ही निर्भर है

एक तिहार जेल काटे हुए पत्रकार ने अपने प्राइम टाइम में जिहाद को लेकर वर्गीकरण किया था जिसमें तमाम तरीके के जिहाद का वर्णन था जिसमें आर्थिक जिहाद और कई तरीके के जिहाद का विवरण दिया गया था उनको भी इस मौके का फायदा मिल गया और जमकर हिंदू-मुस्लिम किया सब कुछ सब ने मिलकर कुछ ना कुछ किया तो डियर फ्रेंड भी पीछे क्यों रहते उन्होंने भी जमकर अपने काम कार्यक्रम में हिंदू-मुस्लिम किया अब आप डियर फ्रेंड तो जान ही गए होंगे कि कौन है आपको बता दें हमारे देश में सबसे खतरनाक जो चीज है वह हमारे देश की मीडिया जो लगातार प्रोपेगेंडा करती है और सत्ता से सवाल करने की वजह उनके झूठ का प्रचार प्रसार करते हैं

बात करते हैं बरेली की जहां मजदूरों को सड़क पर बिठाकर बेरहमी से केमिकल का छिड़काव करती है यह केमिकल साधारण साबुन वाला केमिकल नहीं था उन मजदूरों में से किसी की आंख में अगर वह केमिकल गया होगा तो आप जान सकते हैं कि उसे कितनी परेशानी हो सकती है लेकिन इसका बरेली पुलिस को सोचना चाहिए। केरल में भी कुछ लोगों के ऊपर छिड़काव किया गया लेकिन इस क्षेत्रों के वीडियो को सोशल मीडिया पर कुछ अलग ही ढंग से दिखाया गया बीजेपी आईटी सेल के मुखिया अमित बालवीर ने यह वीडियो ट्वीट करते हुए कहा कि आप बरेली के वीडियो पर तो सब लोगों ने कहा अब इस वीडियो पर भी कुछ कहो लेकिन उन्हें कहां पता उस वीडियो में आप देख सकते हैं कि लोगों को साबुन और पानी के मिश्रण से उन पर छिड़काव किया गया और मजदूरों ने अपने सर पर हेलमेट पहना हुआ था जिससे वह अपनी आंखों को सुरक्षित बचा सकें छिड़काव इस तरीके से किया गया था कि वह पीठ की तरफ से छिड़काव कर रहे थे जिससे उनके नाक आंख मुंह में वह साबुन का पानी ना जाए आप उस वीडियो की तुलना बरेली की वीडियो से कर कर देखिए तब आपको पता लग जाएगा जब बरेली में सैटेलाइट बस स्टैंड पर कुछ मजदूरों को इस तरीके से बिठा कर उस पर केमिकल का छिड़काव किया जाता है तो मजदूरों को आंखों मैं भी उस केमिकल का छिड़काव गया होगा और नाक और मुंह में भी उस केमिकल का छिड़काव गया होगा बीच रोड पर बिठाकर मजदूरों पर छिड़काव करना उस वीडियो में आप देख सकते हैं जेपी आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय को वह दोनों वीडियो देखना चाहिए और फर्क खुद निकालना चाहिए कि दोनों वीडियो में फर्क क्या है फर्क आपको हम पहले ही बता चुके हैं कि बरेली की वीडियो में सबको रोड पर बैठाकर गरीबों की तरह प्रहार करके उन पर छिड़काव किया गया जबकि केरल में एक-एक करके छिड़काव किया जा रहा था जहां हर एक मजदूर से कहा जा रहा था कि आप पीछे को मोड़िये हम आपकी पीठ के पीछे छिड़काव करेंगे और कुछ लोगों ने वहां हेलमेट पहन रखा था और कुछ के पास अगर हेलमेट नहीं था तो वह अपने मुंह को ढक रहे थे क्योंकि साबुन का पानी उनकी आंख नाक मुंह में ना जाए तो आप सोच सकते हैं कि बीजेपी आईटी सेल के मुखिया की क्या सोच है