सोशल मीडिया पर भूल गए नारी का सम्मान , पढ़ें यह रिपोर्ट

सोशल मीडिया पर नारी सम्मान के लिए इनकी क्या मानसिक सोच है उनके ट्विटर से पता लग गया था। जब 10 अप्रैल को सफूरा जरगर को गिरफ्तार कर लिया जाता है। तभी से कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर बेतुकी पोस्ट करना शुरू कर दी । और यह भी भूल गए इस भारत देश में नारी को सम्मान दिया जाता है लेकिन उस नारी को क्यों दें वह तो मुस्लिम है और जम्मू कश्मीर की भी। कल सभी भक्तजनों ने ट्विटर पर यह अफवाह फैलाई थी की सफूरा जरगर अविवाहित हैं और वह दिल्ली नागरिकता संशोधन कानून प्रदर्शन में शामिल हुई थी फिर वहां से शाहीन बाग जाती थी और फिर यह गर्भवती हो गई लेकिन इनकी शादी नहीं हुई है। तमाम तरीके के कार्टून सोशल मीडिया पर यह लोग ट्रेंड कराने लगे। ये नारी सम्मान भूल गए

एक दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं कपिल मिश्रा उन्होंने भी नारी सम्मान के लिए अपनी मानसिक घटिया सोच दिखाई। देखिए ट्वीट

जब यह मामला ट्रेंड करने लगा सब लोग गूगल पर सफूरा जरगर के बारे में खोजने लगे लेकिन गूगल पर कुछ नहीं मिला। इसी के चलते कुछ लोगों को सहारा मिल गया और ट्विटर पर एक महिला को लेकर अनाप-शनाप ट्वीट करने लगे। उनके ट्वीट देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह लोग किस हद तक जा सकते हैं । इन लोगों ने सबसे ज्यादा शाहीन बाग को लेकर सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणी की थी और एक बेबस महिला का मजाक उड़ाया था। एक बीजेपी का विधायक जो दिल्ली में हुई घटना से कुछ घंटे भीड़ उकसाने वाला बयान देता है।

और इसी नेता के बयान के कारण दिल्ली में जो हुआ वह सब आप जानते हैं। लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई क्योंकि यह दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी का विधायक है और गोदी मीडिया के किसी भी चैनल ने इससे कोई पूछताछ नहीं की थी। ना ही उसे गिरफ्तार किया गया

लेकिन सफूरा जरगर को 10 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया जाता है। सफूरा जरगर को गर्भवती होने के बावजूद भी पुलिस ने तिहाड़ जेल में डाल देती है। आप जानते ही हैं कोरोनावायरस का इस देश में अब खतरा लगातार बढ़ रहा है कल 3500 से ज्यादा मामले सामने आए है । और ऐसे हालात में एक गर्भवती महिला को जेल में डालना क्या सही है ऊपर से कोरोनावायरस का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है।

सफूरा जरगर के बारे में जांच-पड़ताल की तो उनकी शादी के फोटो सामने नजर आए जिन्हें हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं। आपको बता दें सफूरा सरकार की शादी 2018 में हो चुकी है। ये तस्बीरे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है 

सफूरा जरगर की जमानत के लिए उनके पति ने 21 अप्रैल को अनुरोध किया था। और उस पत्र में कहा गया था कि सफूरा जरगर गर्भवती हैं और कोरोनावायरस का वैसे ही देखने चल रहा है अभी इन्हें रिहा किया जाए। यह पत्र अदालत में उनके पति देते हैं।

सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया जा रहा है कि सफूरा जरगर जब जेल गई थी तब उनके गर्भ की रिपोर्ट सामने आई थी तो यह सरासर गलत है एनआईए की रिपोर्ट में बताया गया है कि 10 अप्रैल को सफूरा जरगर को गिरफ्तार किया जाता है और 12 अप्रैल को जमानत के लिए याचिका दर्ज की गई थी।

और सोशल मीडिया पर सफूरा जरगर को लेकर जो अफवाह उड़ रही हैं वो झूठ हैं । और इन लोगों ने एक महिला का अपमान किया है।