विदेश से अमीरों को लाने के लिए ‘बंदे भारत मिशन’ अभियान , और गरीबों के लिए ……… पढ़ें पूरी खबर

अमेरिका में कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार तेजी से बढ़ रही है हर रोज कोरोनावायरस संक्रमित के नए मामले सामने आ रहे हैं लेकिन इस कोरोनावायरस संकट ने अमेरिका में फंसे भारतीयों पर संकट खड़ा कर दिया है जो भारतीय लोग एच 1 वीजा लेकर नौकरी कर रहे थे। उनकी नौकरी कोरोनावायरस की वजह से चली गई। यह लोग 2 महीने से बेरोजगार हैं

वैसे अब कोरोनावायरस के चलते हुए अमेरिका ने एच 1 वीजा पर अस्थाई रोक लगा दी है। अब वहां की सरकार ने यह निर्णय लिया है कि दूसरे देशों के बजाय स्थानीय लोगों को नौकरी दी जाएगी। अब इन अमेरिका में रह रहे भारतीयों के सामने यह परेशानी आ रही है की नौकरी नहीं है और अगर घर लौटना चाहते हैं तो उनके बच्चों को नहीं जाने दिया जाएगा क्योंकि वह अमेरिका में पैदा हुए हैं।

जनसत्ता की खबर के मुताबिक लेकिन सरकार इन सब नागरिकों को लौटाने के लिए बंदे भारत अभियान चला रही है।इस समय अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद है। और दोनों देशों की सलाह मशवरा के बाद यह पाया गया कि जिन लोगों के पास एच 1 वीजा है। वह तो वापस आ सकते हैं लेकिन उन्हें अपने बच्चों को अमेरिका में ही छोड़ना पड़ेगा क्योंकि उन्होंने अमेरिका में जन्म लिया है।

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अमेरिका में इस कोरोना वायरस संकट के बजे से बेरोजगारी का एक बड़ा मुद्दा बन गया है ऐसे में सबसे ज्यादा संकट उन लोगों पर है जो हमारे भारतीय अमेरिका में नौकरी कर रहे हैं उनकी नौकरी पिछले 2 महीने से जा चुकी है । और इन लोगों को वापस लाने के लिए सरकार बंदे भारत अभियान भी चला रही है।

जिस तरीके से इन अमीर लोग जो विदेश में फंसे हुए हैं इनके लिए वंदे भारत अभियान चला रही है इसी तरीके से जो दूसरे प्रदेशों में गरीब मजदूर फंसे हुए थे उन लोगों के लिए भी सरकार कोई ना कोई अभियान ऐसा चला देती कि जिससे यह गरीब मजदूर अपने अपने घर पहुंच जाते।

अगर सरकार ने इन गरीब मजदूरों के लिए घर पहुंचाने के लिए कोई अभियान चलाया होता तो आज जिस तरीके से गरीब मजदूरों के दुख की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर आ रही हैं यह नहीं आई होती। हमारे देश के मजदूर अपने अपने घर पहुंच गए होते। सरकार ने इन पर कोई सुनवाई नहीं की