लॉक डाउन के बावजूद भी निकाली महाराष्ट्र में रथयात्रा गुस्साए लोगों ने पुलिस पर किया पथराव

लॉक डाउन का लोग पालन भी कर रहे हैं लेकिन धार्मिक स्थलों पर आयोजनों के नाम पर लोग इकट्ठे हो रहे हैं और ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं एक रोग से बचने के लिए दिशा निर्देश भी दिए जा रहे हैं कि सोशल डिस्टेंस बनाए रखें एक दूसरे से दूर रहें लेकिन फिर भी इन धार्मिक आयोजन वाले लोगों को कुछ समझ नहीं आ रहा है चाहे वह किसी भी धर्म के हो लेकिन धार्मिक आयोजनों में लोगों का इकट्ठा होना सही नहीं है चाहे यह भीड़ किसी भी धर्म की हो यह मामला महाराष्ट्र के शोलापुर का है जहां सैकड़ों लोगों ने रथ यात्रा निकाली सैकड़ों लोग सड़कों पर आए जब पुलिस को यह सूचना मिली पुलिस ने यात्रा को रोकने की कोशिश की पहले 2 लोगों से झड़प हुई पुलिस ने जब इन पर कार्यवाही करने की कोशिश की तब इसमें से कुछ गुस्साए लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया इस पथराव से कई पुलिसवाले घायल हो गए किसी तरीके से पुलिस ने काबू किया और लोगों को हिरासत में लिया और पुलिस ने इस मामले में 100 से ज्यादा लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है जिसमें 22 लोगों को गिरफ्तार किया है उनसे पूछताछ जारी है।

लोगों से पूछताछ करने के बाद पता चला कि इस गांव में ग्रामदेवता परमेश्वर का त्यौहार मनाया जाता है इसके लिए यह रथयात्रा निकाली जा रही थी और त्यौहार का लगभग 5 दिन तक चलता है 5 दिन तक इस त्यौहार में कई लोग शामिल हो जाते हैं और इन लोगों ने उस दिन भी इसी तरीके से रथयात्रा निकालने की कोशिश की पुलिस की बिना अनुमति के। लोग डाउन में सभी मंदिर मस्जिद बंद है सवाल ये है जब पूजा हुई थी तब पुलिस ने इन लोगों को क्यों नहीं रोका और इनको पूजा करने की अनुमति कैसे मिली। ऐसे ही कई मामले धर्म के नाम पर इकट्ठे करने वाले लोगों के आए हैं ए एन आई ने अपने ट्विटर अकाउंट पर तेलंगाना की कुछ तस्वीरें अपलोड की है जो रामनवमी की हैं इन तस्वीरों में मंत्रियों को भी देखा जा सकता है और यह अपने परिवार के साथ मंदिर गए थे

अभी कुछ दिन पहले दिल्ली में निजामुद्दीन में तबलीगी जमात में धार्मिक आयोजन में 1500 से लोग ज्यादा इकट्ठे हुए थे आप समझ सकते हैं कि इस माहौल में इकट्ठा होना कितना खतरनाक है क्योंकि यह वायरस एक दूसरे के संपर्क में आने से फैलता है और ऐसे में यह तबलीगी जमात के लोग इकट्ठे हुए थे पुलिस ने इनके कार्यक्रम को क्यों नहीं रोका और इसमें कुछ विदेशी लोग भी शामिल हुए थे लेकिन सवाल यह है कि जब इसमें विदेशी लोग शामिल हुए थे तब एयरपोर्ट पर इनकी जांच क्यों नहीं हुई थी बताया यह भी गया है कि इसमें से कुछ लोग कोरोनावायरस संक्रमित भी हैं जिन्हें जिन्होंने अन्य लोगों को इस वायरस से संक्रमित कर दिया है। आपको बता दें तबलीगी जमात का कार्यक्रम 15 मार्च से शुरू हुआ था और यह कई दिन चलता है लेकिन अचानक 25 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का एक संदेश आता है कि संपूर्ण देश में 21 दिनों के लिए लॉक डाउन किया जाता है आप अपने घरों से ना निकले जो जहां है वहीं रहे ऐसे में सवाल यह है कि यह लोग कहां जाते। जबसे तबलीगी जमात का मामला मीडिया में आया है तब से सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल किए जा रहे हैं जिसमें कुछ लोग प्लेट चम्मच चाटते हुए नजर आ रहे हैं और कुछ लोगों को पुलिस गिरफ्तार करके ले जा रही है तो पुलिस पर रुकने का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि यह तबलीगी जमात के लोग हैं और उन्होंने पुलिस पर भूखा है लेकिन कई फैक्ट चेक मीडिया ओं ने जब इन दोनों वीडियो भी पड़ताल की तो उन्होंने बताया कि यह वीडियो लगभग पुराना है और इस वीडियो का वर्तमान समय में कोई लेना देना नहीं है इस वीडियो को गूगल पर सर्च किया गया तो कई जगह है और इससे यह साबित होता है कि इस वीडियो से तबलीगी जमात का कोई लेना देना नहीं है