लातूर से निकाले 1300 सत्संग श्रद्धालु

महाराष्ट्र के लातूर से श्रद्धालुओं का मामला सामने आया है फरवरी से यह कार्यक्रम चल रहा था और इसी बीच लॉक डाउन हो गया जिससे यह श्रद्धालु वही फस गए।जिस वक्त हम यह पोस्ट लिख रहे हैं उस वक्त महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमित मरीज 4200 है आज महाराष्ट्र में 442 मामले नए आए हैं। इस प्रदेश में अभी तक 223 लोगों की मौत हो चुकी है। जब इन श्रद्धालुओं का मामला सामने आया तो सरकार ने इन्हें घर भेजने के लिए विचार किया। भेजने के लिए 32 बसों का इंतजाम किया 44 सीट वाली बसों में सिर्फ 22 लोग ही जाएंगे यानी दो आदमी वाली सीट पर सिर्फ एक आदमी ही जाएगा। इन सबको पुणे के जिले जाधववाडी भेजा जा रहा है 32 वर्षों में एक बार में सिर्फ 22 आदमी ही जा पाएंगे

यह सत्संग कार्यक्रम फरवरी से चल रहा था और इसमें 13 सालों राठोडा गांव से हैं जिन्होंने इस सत्संग कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया यह लोग फरवरी में आए थे और फिर बारिश हो गई जिसके चलते हुए इनका कार्यक्रम पूरी तरीके से रुक गया बारिश होने की वजह से इनकी कार्यक्रम में बाधाएं आई एन का जो मंडप बना हुआ था वह बरसात की वजह से उखड़ गया। खाने पीने का तो सामान साथ लाए थे वह बरसात की वजह से सब खराब हो गया और यह सत्संग कार्यक्रम करने वाले लोगों के सामने परेशानी आने लगी यह लातूर में मंदिर और स्कूलों में अभी तक रह रहे थे जब प्रशासन को इनके बारे में पता लगा तो उन्होंने इन्हें घर बेचने के लिए काम शुरू किया ।

आपको बता दें 31 तारीख को दिल्ली में निजामुद्दीन में तबलीगी जमात मरकज का मामला सामने आया था जिसको गोदी मीडिया ने हिंदू-मुस्लिम कर दिया उन्होंने वही किया जो पिछले कई सालों से करते आ रहे हैं और उसके बाद तबलीगी जमात को हर एंगल से निशाना बनाने की कोशिश की गई यहां तक कि तबलीगी जमात को पाकिस्तानी एंगल भी ढूंढ लिया गया फिर उसके बाद आतंकी कनेक्शन भी ढूंढ लिया गया तबलीगी जमात पर गोदी मीडिया में आज भी डिबेट हो रहे हैं लेकिन लातूर में फंसे लोगों पर अभी तक कोई डिबेट नहीं होगा यह मामला 2 दिन पहले द लाइव टीवी पर आया था उसके बाद जब यह खबर सोशल मीडिया पर फैली तब प्रशासन ने एक्शन लिया