लगातार बढ़ रहे हैं कोरोनावायरस के मामले ,टीवी पर मौलाना को बिठाकर हो रही है हिंदू मुस्लिम डिबेट ,गरीब मजदूर भूख से है परेशान , पढ़े ये रिपोर्ट

कल भारत में कोरोनावायरस संक्रमित मामले सबसे ज्यादा बड़े हैं। देखा जाए तो अभी तक कोरोनावायरस के इतने मामले 1 दिन में नहीं बड़े हैं जितने कल बड़े हैं कल करोना वायरस मरीजों की संख्या 24 घंटे में दो हजार के पार चली गई है। लेकिन गोदी मीडिया इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं कर रहा है कि कैसे एकजुट होकर इस कोरोनावायरस जैसी खतरनाक बीमारी से निपटा जाए। बल्कि गोदी मीडिया तो हिंदू मुस्लिम डिबेट करने में जुटा हुआ है । एक मौलवी और एक साधु को बिठाकर और फिर उसमें हिंदू मुस्लिम की वकालत करना गोदी मीडिया के एंकरों ने धंधा बना लिया है।

जब पालघर में साधुओं का मामला सामने आया था तब इन गोदी मीडिया के एंकरों ने जमकर चैनलों पर चिखम-चाख की थी। और यह इसलिए ठीक रहे थे क्योंकि महाराष्ट्र में शिवसेना की सरकार है और यह विपक्ष को टारगेट कर रहे थे। आप उसमें देख सकते थे सभी गोदी मीडिया चैनलों पर एक जैसी खबरें दिखाई जा रही थी इसके बाद जब बुलंदशहर में साधुओं का मामला आता है तो मामूली छोटी सी खबर बनके रह जाता है क्यों रह जाता है यह सब आप जानते हैं क्योंकि बुलंदशहर में जो घटना हुई थी उत्तर प्रदेश में आता है और उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं और उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। सरकार से सवाल पूछना गोदी मीडिया का काम नहीं है।

मजदूर अपने घरों को पैदल लौट रहे हैं अभी कल ही एक मामला आया है जिसमें एक मजदूर दिल्ली से बिहार के लिए रवाना होता है और शाहजहांपुर में भूख से दम तोड़ देता है। आखिरकार जो हमने पीएम केयर में पैसा दिया था वह किस के काम आएगा। गरीब मजदूर तो भूख से रोड पर तड़प रहे हैं क्या इनकी सुध लेने वाला कोई है क्या इन पर पीएम केयर का पैसा खर्च नहीं किया जा सकता। जिन मजदूरों को चुनाव रैलियों में इकट्ठा किया जाता है । इन गरीब मजदूरों से भीड़ जुटाई जाती है फायदा लिया जाता है तो सरकार को ऐसे वक्त में जब देश कोरोनावायरस संकट से जूझ रहा है तब सरकार को जनता द्वारा दिए गए पीएम केयर्स फंड में पैसे से इन गरीब मजदूरों की मदद नहीं करनी चाहिए जो सड़कों पर भूखे मर रहे हैं।

लेकिन गोदी मीडिया पर इन मुद्दों का बिल्कुल जिक्र नहीं है । गोदी मीडिया के एंकर वही कर रहे हैं जो वह पिछले 6 सालों से करते हुए चले आ रहे हैं। अब इन्होंने एक नया तरीका ढूंढ लिया है मुस्लिमों को टारगेट करने का यह अपने डिबेट में पाकिस्तान से आए तारेक फतह को न्योता देते हैं और साथ ही एक मौलाना को उनके सामने खड़ा कर देते हैं। होने दो बयान बाजी। जब इन लोगों में चीख-पुकार होती है जनता को मजा आता है और जनता ऐसे कार्यक्रम देखने में ही खुश हैं।

लॉक डाउन 2 , 3 मई को खत्म होने वाला था लेकिन उससे पहले ही लॉक डाउन 3 कर दिया गया इसकी समय सीमा बढ़ाकर 17 मई रख दी गई है लेकिन इसमें काफी फर्क है इसमें तीन जोन बनाए गए हैं । उनके हिसाब से जिलों को बांटा गया है अगर आपका जो ग्रीन आता है तब आपको कुछ छूट मिल सकती है। लेकिन कल नासिक में फंसे भोपाल के मजदूरों के लिए सरकार बस का इंतजाम करती है। मजदूरों को बताया जाता है कि किराया बिल्कुल फ्री होगा और सब मजदूरों को घर पहुंचाया जाएगा इसके बाद भोपाल पहुंचकर इनसे किराया वसूला गया तो एक सवाल यह है कि पीएम केयर में जिन लोगों ने गरीब मजदूरों की मदद के लिए पैसा दिया था वह पैसा मजदूरों पर खर्च क्यों नहीं हो रहा है।