रेलवे की पटरी के सहारे घर लौट रही है जिंदगियां

साल 2020 पूरी दुनिया इस खतरनाक कोरोना संकट से लड़ रही है पूरे देश में लॉक टाउन है लोगों को सलाह दी जा रही है कि घर में ही रहे अपनी जरूरत की चीजें समान ले सकते हैं चिकित्सा कराना आपातकाल सुविधा पूरी तरीके से चालू है लेकिन सवाल उन लोगों का है जो गांव से प्रदेश काम करने गए थे और भी वहीं फस गए हैं बे घर आने के भरपूर प्रयास कर रहे हैं लेकिन उनके सामने एक ही मजबूरी है कि वह घर लौटे तो लौटे कैसे ना तो कोई ट्रेन है ना कोई बस है ना कोई ऑटो रिक्शा है कुछ नहीं है बस उनके पास एक ही सहारा है और वह है सिर्फ उनके पैर कुछ लोगों ने जब कोई सहारा नहीं देखा भूख से तड़पने लगे तो उन्हें घर का रास्ता दिखाई दिया तो वे अपना ग्रुप बनाकर अकेले ही चल पड़े लोग तीन-चार दिन का सफर तय करके अपने-अपने घर पहुंच रहे हैं

लेकिन आपको बता दें जिन लोगों ने रास्ता देखी है वे लोग तो आ रहे हैं लेकिन जो लोग अनजान हैं जिन्हें पता नहीं है बेलो रेलवे की पटरी का सहारा ले रहे हैं वे लोग रेलवे की पटरी का सहारा लेकर उसी पर पैदल चल पड़े हैं यह यात्रा कितने दिनों की हो सकती है इस पर कुछ कहा नहीं जा सकता जब अंधेरा हो जाता है तो वही लोग ग्रुप बना कर सो जाते हैं या थोड़ी देर आराम कर लेते हैं और फिर घर की ओर चल पड़ते हैं बस उनके मन में एक ही चिंता है कि वह कैसे भी करके घर पहुंचे और अपने परिवार से मिले

आज सोशल मीडिया पर पुलिस की बर्बरता के कई वीडियो सामने आए हैं जिसमें मेहनत मजदूरी करने वाले लोग अपने घर को जब पैदल लौट रहे हैं तो पुलिस उनको रास्ते में परेशान कर रही है मेहनत मजदूरी करने वाले लोग मुर्गा बनते हुए नजर आ रहे हैं तो कहीं पुलिस की लाठी खानी पड़ रही है और वापस लौटने को पुलिस कह भी रही है लेकिन घर की याद सता रही है मन में एक ही आस लगी हुई है कि कैसे भी करके हम घर पहुंच जाएं

सोशल मीडिया पर कुछ पुलिस की अच्छी तस्वीरें देखने को मिल रही है जहां पुलिस गरीब बेसहारा मजदूरों को खाना खिला रही है चाय पिला रही है खिला रही है और कितना हो सकता है उतना कर रही है सबसे अच्छी हिंदुस्तान की तस्वीर यही दिखती है जो हमारे देश में गरीब मजलूम बेसहारा लोगों की मदद पुलिस कर रही है और उसकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है