मजदूर सड़कों पर पैदल चल रहा है , लेकिन फिर भी 1 न्यूज़ चैनल ये दावा कर रहा है कि , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बढ़ रही है , पढ़ें यह रिपोर्ट

सड़कों पर मजदूर भूखे प्यासे पैदल क्यों चल रहे हैं क्या यह सवाल नहीं है मजदूरों को बिना पैसे के उनके घरों पर क्यों नहीं भेजा जा रहा है मजदूर आखिर कब तक पैदल चलेंगे। पैदल चलते हुए मजदूरों की जाने जा रही हैं। उनके घर कैसे चलेंगे जो मिडल क्लास फैमिली के वर्ग में आते हैं क्योंकि उनकी सैलरी कम कर दी गई है। स्कूल में बच्चों को कैसे पढ़ाया जाएगा। बच्चों की फीस कैसे जमा होगी। गुजरात के सूरत में मजदूर कई बार घर जाने के लिए सड़कों पर प्रदर्शन कर चुके हैं। लेकिन पता नहीं कैसे फिर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बढ़ रही है

एक चैनल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बढ़ने की जानकारी को ट्वीट करता है उसके बाद भारतीय जनता पार्टी के मंत्री सभी लोग उस ट्वीट को शेयर करने लगते हैं। और यही ट्वीट रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी किया है देखिए ट्वीट

कि जब से भारत कोरोना संकट के दौर से भारत गुजरा है तब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बड़ी है 2019 में वे 71 प्रतिशत लोकप्रियता थी और कोरोनावायरस के चलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता 79 प्रतिशत हो गई है। वैसे भी जब भी भारत की जनता पर संकट आता है। अब यह बताइए मजदूर सड़कों पर पैदल चल रहे हैं उन्हें घर पहुंचाने की कोई व्यवस्था नहीं हो पा रही है गरीब माय अपने बच्चों को कंधे पर लादकर पैदल चल रही है । गर्भवती महिलाएं लगातार पैदल चलकर अपने गांव पहुंच रही हैं लेकिन फिर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बढ़ रही है।

एक महिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात मॉडल से अपने कंधे पर एक बच्चा और एक हाथ में बैग लेकर सड़क पर पैदल अपने घर की ओर चली जा रही है भूख प्यास से यह महिला अपने घर की ओर बढ़ रही है । इनको घर पहुंचाने के लिए सरकारों के पास कोई व्यवस्था नहीं है। भूख प्यास से परेशान यह मां गरम तपती सड़कों पर अपने बच्चे को लेकर पैदल चल रही है लेकिन फिर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बढ़ रही है।

पूरा देश इस कोरोनावायरस भयंकर बीमारी से परेशान है भारत में अभी भी भरपूर जांच नहीं हो पा रही है पीएम केयर फंड का कोई पता सिरा नहीं है। जिसमें लक्षण पाए जा रहे हैं बस उसी की जांच की जा रही है उत्तर प्रदेश में आगरा के क्वारेन्टीन सेंटर की जो तस्वीर वायरल हुई थी उसमें इस तरीके से मरीजों के साथ जानवरों की तरह बर्ताव किया जा रहा है क्वॉरेंटाइन किए गए लोगों को ना तो समय पर खाना मिल पा रहा था और ना ही उनकी जांच हो पा रही थी। सोशल मीडिया पर आगरा क्वॉरेंटाइन सेंटर की जो तस्वीरें वायरल हुई थी वह बेहद ही मानवता को शर्मसार करने वाली थी । लेकिन पता नहीं फिर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बढ़ रही है।

भारत की अर्थव्यवस्था कोरोनावायरस के पहले जब सब कुछ नॉर्मल था तब भारत की अर्थव्यवस्था पहले से ही डामाडोल थी बेरोजगारी भी साथ में बहुत बढ़ गई थी युवा लगातार बेरोजगार हो रहे थे और भारत की जीडीपी भी लगातार गिर रही थी यह उस समय की बात है जब कोरोनावायरस का नाम भी नहीं जानते थे। युवाओं को नौकरी करने के बजाए उन्हें पकोड़े तलने की सलाह दी जा रही थी। नाले से गैस बनाने की सलाह दी जा रही थी। लेकिन आज जब देश कोरोनावायरस में है तो आज भारत की अर्थव्यवस्था और खराब हो गई है लेकिन फिर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बढ़ी है।

रेलवे विभाग की तरफ से कहा गया है कि रेल 1 दिन में करोड़ों यात्री सफर करते हैं। लेकिन फिर भी रेल विभाग इन मजदूरों को जो सड़कों पर पैदल भूखे प्यासे चल रहे हैं उन्हें घर नहीं पहुंचा सका है। मजदूरों में रेल से 16 लोगों की जान ले चुकी है। लेकिन फिर भी रेल मंत्री देश की जनता को ट्वीट करके यह जानकारी देते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोरोनावायरस संकट में लोकप्रियता बढ़ी है। खैर यह देश के बड़े मुद्दे हैं जो आपके सामने जाहिर किए हैं इनसे तो लोकप्रियता नहीं बड़ी होगी लेकिन थाली, ताली, मोमबत्ती, घंटी बजाने से लोकप्रियता जरूर बढ़ी है।