भुखमरी मामले में भारत अपने पड़ोसी देशों , बांग्लादेश , पाकिस्तान , नेपाल , से पिछड़ा , लेकिन संबित पात्रा विपक्ष के नेताओं को ही पाकिस्तानी बताने में जुटे हुए हैं

भुखमरी

जिस पाकिस्तान को चुनाव के समय याद किया जाता है। वह भी भुखमरी के मामले में भारत से बेहतर स्थिति में है और भुखमरी के मामले में पाकिस्तान के साथ-साथ बांग्लादेश और नेपाल में भारत से कहीं ज्यादा स्थिति ठीक है। पहले जब जब चुनाव हुए हैं तब तक पाकिस्तान का जिक्र हुआ है और विपक्ष के उम्मीदवारों की पाकिस्तान से तुलना की गई है। लेकिन कोरोनावायरस के मामले में भारत दूसरे नंबर पर बना हुआ है।

वैसे तो पाकिस्तान की आबादी उत्तर प्रदेश के लगभग बराबर है लेकिन पाकिस्तान में हर दिन लगभग 500 के आ रहे हैं। एक वीडियो में संबित  पात्रा राहुल गांधी को लाहौरी बता रहे हैं। क्योंकि बिहार चुनाव नजदीक हैं और जाहिर सी बात है कि पाकिस्तान जैसे नाम का अब इस्तेमाल होगा। साल 2015 में जब बिहार में चुनाव हुए थे अब देश के गृहमंत्री अमित शाह ने यह बयान दिया था कि अगर बिहार में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती है तो पाकिस्तान में पटाखे छूटेंगे।

भुखमरी में पड़ोसी देशों से पिछड़ा भारत

साल 2014 में भारत 55वें स्थान पर था। लेकिन बात यह है कि धीरे-धीरे देश में अच्छे दिन आए और फिर यह अच्छे दिनों से हालात यह हो गए इस साल 2018 में 119 देशों की सूची बनी जिसमें भारत 103 नंबर पर पहुंच गया। लेकिन आप को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान ध्यान होगा जो उन्होंने अमेरिका में हावडी मोदी कार्यक्रम में कहा था। कि भारत में सब चंगा सी। लेकिन अब जब यह रिपोर्ट सामने आई है तो इससे साफ हो गया है कि भारत की स्थिति क्या है। लेकिन भुखमरी को लेकर क्या हालत है

और यह एक चिंता का विषय है। लेकिन जब भारतीय जनता पार्टी के नेता और प्रवक्ता चुनाव में पाकिस्तान का नाम लेते है। तो क्यों ना उस वक्त भारत-पाकिस्तान के कोरोनावायरस के आंकड़ों और भुखमरी के आंकड़ों पर भी जिक्र किया जाए जिससे जनता को सच्चाई पता लग सके। लेकिन ऐसा नहीं होता बस विपक्ष के नेताओं को पाकिस्तान के साथ जोड़ने का काम भारतीय जनता पार्टी के नेता और प्रवक्ता करते हैं।

और इसका भरपूर सहयोग मुख्यधारा की मीडिया जिसे आजकल गोदी मीडिया कहा जाता है उसका मिलता है। क्योंकि अभी 1 दिन पहले आज तक के एंकर रोहित सरदाना अपने कार्यक्रम दंगल में एक झूठी खबर चलाई जाती है। और उसमें एंकर यह दावा करता है कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कैंपस में जो जिन्ना की तस्वीर लगी है वह बिहार विधानसभा कांग्रेस के उम्मीदवार मशकूर उस्मानी ने लगाई है।

लेकिन इसके बाद इस खबर को लेकर जाँच पड़ताल  चलती है और इस खबर को जांच पड़ताल अल्ट न्यूज़ द्वारा की जाती है फिर अल्ट न्यूज़ की पड़ताल में यह पाया जाता है कि जो आज तक चैनल के कार्यक्रम दंगल में जो यह खबर दिखाई गई थी वह बिल्कुल झूठ थी बल्कि जिन्ना की तस्वीर आजादी के पहले से लगी हुई है। लेकिन फिर भी आज तक की एंकर रोहित सरदाना और भारतीय जनता पार्टी के नेता और प्रवक्ता संबित पात्रा ने इसी झूठी खबर पर पूरा शो कर डाला।

अब जरा सोचिए मीडिया पर कैसे विश्वास किया जाए एक झूठी खबर पर पूरा शो किया जाना कितना ठीक है। इसी तरीके से चुनाव के वक्त इन मुख्यधारा की मीडिया के चैनलों का पूरा पूरा सहयोग भारतीय जनता पार्टी को मिलता है। चुनावों में पाकिस्तान का तो जिक्र हो रहा है। लेकिन भुखमरी के आंकड़ों पर नहीं कोरोनावायरस के आंकड़ों पर नहीं। केवल विपक्ष के नेताओं को पाकिस्तान से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। लेकिन ये गोदी मीडिया के एंकर द्वारा पाकिस्तान की कानून व्यवस्था पर चर्चा हो रही है देखिये

लेकिन जरा सोचने वाली बात है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पाकिस्तान गए थे। लेकिन उस वक्त तो किसी ने कुछ नहीं कहा। देश में चुनाव होने वाले हैं और बिहार विधानसभा चुनाव भी जोरों शोरों पर हैं लेकिन विपक्ष के पार्टियों के मुद्दे हैं जैसे युवाओं में बेरोजगारी ,महंगाई , शिक्षा स्वास्थ्य सड़क आदि मुद्दों पर विपक्ष के नेता चुनाव लड़ रहे हैं। लेकिन भारतीय जनता पार्टी के मुद्दे क्या है कि अगर बिहार में आरजेडी की सरकार बन गई तो कश्मीर के आतंकवादी बिहार में पनाह लेंगे।

लेकिन अब बिहार में विधानसभा चुनाव तैयारी चल रही है लेकिन आपको एक बात ध्यान होनी चाहिए कि जब पूरे देश में बगैर प्लान के केंद्र सरकार द्वारा लॉकडाउन को लगाया गया था और इसकी सूचना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद टीवी पर आ कर दी थी। आप जानते हैं कि कितने मजदूर पैदल चलकर घरों को पहुंचे थे और उसमें से अधिकांश मजदूर बिहार और उत्तर प्रदेश से ही थे।

भुखमरी

और उस वक्त गोदी मीडिया जो अपने आपको नंबर वन साबित करता है । और उस गोदी मीडिया द्वारा इन मजदूरों की पैदल यात्रा पर रिपोर्टिंग नहीं हो पा रही थी। और इस समय इसी बगैर प्लान किए लॉक डाउन की वजह से करोड़ों लोगों की नौकरियां चली गई लेकिन इतने पर भी कहीं भी जनता के मुख्य मुद्दे भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा नजर नहीं आ रहे हैं। लेकिन रैलियों में भारतीय जनता पार्टी के नेता अब भी ऐसे हालात में पाकिस्तान को नहीं भूल रहे हैं।