दुनिया में कोरोनावायरस की महामारी और भारत में दिवाली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले एक संदेश दिया था कि शाम को 5:00 बजे के बाद सभी लोग तालियां और तालियां बजाएंगे और उन लोगों को हिम्मत मिलेगी जो लोग इस कोरोना संकट से जूझ रहे हैं लेकिन उसके नतीजे बहुत गलत है आपने यह बयान इटली को देखकर तो दे दिया लेकिन क्या आप जानते थे क्या हमारे देश की जनता इतनी ही जागरूक है इटली की तरह। इस थाली वाले बयान के बाद लोगों ने कैसे-कैसे तालियां बजाएं इसकी ढेरों मिसाइलें सोशल मीडिया पर तैर रही हैं और यह इन लोगों ने ही नहीं बड़े-बड़े एक्टर्स ने भी इस काम में सहयोग किया कपिल शर्मा मिल्खा सिंह ने तो अपने ड्रम्स को बालकनी में निकालकर बजाया बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने भी इस कार्यक्रम में सहयोग लिया और ताली और थाली बजाएं। तालियां तालियां ऐसी बजे की जनता कर्फ्यू की धज्जियां उड़ गए लोगों ने रोड पर उतर कर बोल नगाड़ों के साथ गो करोना गों के नारे लगाए ऐसा लग रहा था कि मानो किसी करो ना की जंग जीतकर यह निकले हो और खुशी मना रहे हैं बात यहां नहीं रुकती अगला टास्क आ जाता है कि 5 अप्रैल को रात के 9:00 बजे सभी लोग अपनी घरों के छत के ऊपर एक दिया जलाएं या मोमबत्ती जलाएं मोबाइल की टॉर्च जलाएं या घर की टोर्च जलाएं आपको बताना चाहेंगे यह जो टॉर्च मोमबत्ती का जो कार्यक्रम है यह पहले इटली में हुआ था इटली की जनता ने डॉक्टर की हिम्मत बढ़ाने के लिए यह कार्यक्रम किया था लेकिन यह कार्यक्रम बिल्कुल शांति तरीके से हुआ था और लोगों ने ईश्वर से इस महामारी से निपटने के लिए प्रार्थना की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह सोचना चाहिए था कि जब उन्होंने पहले थाली और ताली बजाने को कहा गया था लेकिन सोशल मीडिया पर इस तरीके के वीडियो सामने उभर कर आए जिनसे हमारी देश की साख को नुकसान पहुंच रहा था अब जल्द ही प्रधानमंत्री का दूसरा टास्क 5 अप्रैल को आ गया 9:00 बजे से पहले सभी लोगों ने अपने घरों पर दीप जला दिए दीप जलाने के बाद पटाखे छूटने लगे फुलझड़ियां छूटने लगे यह किस बात की खुशी है यही खुशी जब जनता कर्फ्यू लगा था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने थाली और ताली बजाने को कहा था तब भी यह खुशी सड़कों पर फिर रही थी और जनता कर्फ्यू की धज्जियां उड़ा रही थी। पूरी दुनिया को रोना महामारी की जंग लड़ रहा है और भारत में पर्व मनाया जा रहा है पड़ोसी देश भी सोचते होंगे कि ना जाने भारत ने कौन सी जंग जीत ली है। वही सड़कों पर बीजेपी के नेता राजा सिंह अपने साथियों के साथ मशाल लेकर सड़कों पर निकल आए अपने साथियों के साथ नारा लगाने लगे कि गो करोना गो । आपको इन तस्वीरों में सोशल डिस्टेंस दिखाई दे रही है।

देश में हमारे डॉक्टर के पास दस्ताने नहीं है मास्क नहीं है कोरोनावायरस संक्रमित मरीज से बचने के लिए पीपीई नहीं है और हमारे देश में दिवाली मनाई जा रही है डॉक्टर से नौकरियां छोड़ने को तैयार हैं क्योंकि उनके पास सामान नहीं है एक डॉक्टर ने शिकायत भी की तो उन पर राजनीतिक दबाव बनाया गया। इसके बाद जब ताली ताली मोमबत्ती ढोलक से बात नहीं बनी तो महिला बीजेपी जिला अध्यक्ष ने गोली चला कर कुछ इस तरह दिवाली मनाई हम आपके साथ इस तस्वीर को साझा कर रहे हैं आप देख सकते है

जैसे ही 5 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीया कार्यक्रम की अपील की सोशल मीडिया के व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी में एक मैसेज वायरल होने लगा उस मैसेज में लिखा गया था कि यह मोदी जी का कुछ लॉजिक है क्योंकि 5 तारीख और यह चौथा महीना 5 और चार मिलाकर 9 होते हैं और 9:00 बजे। सोशल मीडिया पर इस संख्या का योग 9 का लॉजिक बताया जा रहा था और तमाम तरीके के मिरेकल लॉजिक का दावा किया जा रहा था रात के 9:00 बजे 9 मिनट। जब भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोई अपील करते हैं तो उनके भक्त कोई ना कोई लॉजिक बना लेते हैं क्योंकि उनमें अच्छाई बुराई सोचने की क्षमता नहीं है।