तब्लीगी जमात :मौलाना साद के वायरल ऑडियो से हुई थी छेड़छाड़ , पुलिस कर रही है दावा , पढ़े खबर

अब पुलिस दावा कर रही है कि तबलीगी जमात में मौलाना साद का वायरल ऑडियो जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था उससे छेड़छाड़ की गई थी। लेकिन अब उन लोगों का क्या होगा जिन्होंने इस ऑडियो को लेकर गोदी मीडिया पर सैकड़ों डिबेट कर डाली और तबलीगी जमात के सहारे पूरी मुसलमान कौम को टारगेट करने लगे थे। पुलिस ने इस ऑडियो की जांच की जांच के बाद पता चला कि इस ऑडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है

मौलाना साद के बारे ऑडियो को काट छांट कर जोड़ा गया है। और जिस ऑडियो को काट छांट कर जोड़कर उसे नया रूप देकर सोशल मीडिया पर इस ऑडियो को वायरल किया गया लेकिन वायरल होने के बाद गोदी मीडिया के पत्रकारों ने इस ऑडियो को लेकर कम से कम 8 दिन लगातार डिबेट किए। गरीब मजदूरों पर इन लोगों ने कोई भी डिबेट नहीं की सड़कों पर मारे मारे फिरते रहे उनकी वीडियो भी सोशल मीडिया पर लगातार पागल हुई लेकिन क्या किसी एक पत्रकार को भी इन गरीब मजदूरों की वीडियो नहीं मिली।

इंडियन एक्सप्रेस ने ये खबर ट्वीट करके बताई

अब सवाल यह है कि जिन पत्रकारों ने यह ऑडियो अपनी डिबेट्स में चलाया होगा अब उनका क्या होगा क्या वह यह कहेंगे कि एक नया अपडेट आया है और जो ऑडियो हमने मौलाना साद का ऑडियो चलाया था वह अब जांच में फर्जी पाया गया है और उसे काट छांट कर सोशल मीडिया पर पेश किया गया था। हम यह इसलिए कह रहे हैं क्योंकि जब कुर्ला मस्जिद पर झगड़े का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो न्यूज़ 18 के पत्रकार अमीश देवगन ने उसे शुक्रवार की नमाज के झगड़े का वीडियो बता कर अपने शो में पेश किया ।

बाद में अल्ट न्यूज़ ने खुलासा किया कि कुर्ला मस्जिद के पास जो झगड़े का वीडियो वायरल हुआ था वह वीडियो शुक्रवार का नहीं था बल्कि बुधवार का था लेकिन इस पत्रकार ने इस वीडियो को शुक्रवार की नमाज का बताकर अपने शो में चलाया था बाद में इसने और इसके न्यूज़ चैनल ने माफी मांगी थी। अब मौलाना साद के ऑडियो पर भी पुलिस यह दावा कर रही है कि इस ऑडियो में भी छेड़छाड़ की गई है।

अब पुलिस ने इस ऑडियो को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब के लिए भेज दिया है।