ज्यादा टेस्टिंग होगी तभी कोरोना वायरस से लड़ी जा सकती है जंग , पढ़े रिपोर्ट

भारत में 30 जनवरी को कोरोनावायरस का पहला मामला आता है लेकिन उस वक्त भारत बिल्कुल इस बीमारी को लेकर बेखौफ होता है। 30 जनवरी को पहला मामला आने के बाद भी इस बीमारी को रोकने के लिए सरकार ने कोई इंतजाम नहीं किए हवाई जहाजों से अमीर लोग को रोना लेकर आते रहे और चुपचाप अपने घरों में चले गए उसके बाद 24 फरवरी को ट्रंप साहब पूरा मजमा लेकर आ गए यानी कि कोरोनावायरस मामला भारत में आने के 24 दिन बाद भी पूरा मजमा लगाया गया।

लाखों की भीड़ इकट्ठी की गई लेकिन इस पर कोई सवाल पूछने वाला नहीं है। जमातियों पर गोदी मीडिया ने जितना मनचाहा उतना चिल्लाए लेकिन कभी यह सरकार से सवाल पूछा कि यह जमाती लोग जो विदेश से आए थे उन्हें परमिशन किसने दी थी। जहां जमातियों का कार्यक्रम हो रहा था। इस प्रोग्राम स्थल से कुछ ही दूरी पर पुलिस स्टेशन है और इनको इस प्रोग्राम करने की इजाजत भी दिल्ली पुलिस ने ही दी थी और दिल्ली पुलिस किसके अंतर्गत आती है यह आप जानते हैं इस पर गोदी मीडिया ने आज तक सवाल नहीं किया।

आज भारत में कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों की संख्या 56000 पार कर चुकी है इसमें से 16000 से ज्यादा लोग ठीक हो कर घर पहुंच चुके। अभी तक 1890 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। वैसे तो कोरोनावायरस के मामले रोज के 1500 से लेकर 2000 तक बढ़ रहे थे । लेकिन जब से सरकार ने शराब के ठेके खोलें भीड़ जमा हुई तब से यह कोरोनावायरस संक्रमित के मामले 3000 से 4000 के बीच में रोजाना बढ़ रहे हैं।

बिना लॉक डाउन किये भी कोरोना वायरस से लड़ा जा सकता है

दक्षिण कोरिया में जब कोरोनावायरस के मामले आए तब वहां मॉल और मार्केट बंद नहीं किए गए और ना वहां लॉक डाउन किया गया। लेकिन उन्होंने कोरोनावायरस के संक्रमित मरीजों की जानकारी के तहत टेस्टिंग खूब की गयी । स्वास्थ्य सेवाओं पर बहुत जोर दिया। जितने लोग कोरोनावायरस के शक के आधार में थे सभी कि ज्यादा से ज्यादा जांच की गई जब ज्यादा जांच की गई और उनको आइसोलेशन वार्ड में रखा गया और स्वास्थ्य सेवाओं पर भरपूर जोर दिया जाने लगा उसके बाद कोरोना थम सा गया। जो लोग विदेश यात्रा करके आए थे उनके संपर्क में जितने भी लोग आए थे सभी की भरपूर जांच की गई जो कोरोना पॉजिटिव पाया गया उसे आइसोलेट किया गया।

दक्षिण कोरिया में दफ्तर मॉल बाजार शॉपिंग कांपलेक्स कोरोनावायरस के चलते बंद नहीं हुए थे लेकिन कोरोनावायरस के खतरे को देखकर वहां स्कूल बंद कर दिए गए थे। लेकिन अब वहां 20 मई के बाद स्कूल भी खुल जाएंगे । ज्यादा टेस्टिंग करने की वजह से जितने लोग कोरोनावायरस संक्रमित थे उन्हें आइसोलेट किया गया दक्षिण कोरिया में अभी तक 10810 मरीज कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे। जिसमें से 9420 ठीक हो चुके हैं। बचे हुए मरीज अस्पताल में भर्ती हैं और इलाज चल रहा है।

सरकार को चाहिए कि अब भी कोरोना वायरस कि ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग करें और जितने लोग कोरोनावायरस संक्रमित पाए जाएं उन्हें आइसोलेट किया जाए। पूरे देश में कोरोना भरपूर टेस्टिंग की जानी चाहिए गांव गांव में जो मजदूर बाहर से लौटे हैं जो चुपचाप अपने गांव में जाकर बैठ गए हैं सरकार को चाहिए कि गांव-गांव जाकर उनकी जांच करवाये। क्योंकि टेस्टिंग ही एकमात्र सहारा है जिससे कोरोनावायरस की लड़ाई लड़ी जा सकती है। जिन जिलों में एक भी केस कोरोनावायरस संक्रमित नहीं है उन जिलों में कार्य शुरू किए जाएं जिससे जनता को रोजगार मिल सके।