जानिए आरोग्य सेतु एप्लीकेशन के बारे में

भारत में कोरोनावायरस तीसरे स्टेज को पार करने वाला है अभी मौजूदा हालात में कोरोनावायरस पीड़ितों की संख्या 2040 हो चुकी है और 74 लोगों की मौत हो चुकी है जिसमें से 192 पीड़ित ठीक हो चुके हैं । भारत में लोक डाउन है और सभी लोग अपने व्यापार को लेकर परेशान हैं ऐसे में सरकार नए नए तरीके खोज रही है कि कैसे इस कोरोनावायरस से निपटा जा सके। भारत सरकार ने एक ऐप लॉन्च किया है जिसका नाम है आरोग्य सेतु इस ऐप को लेकर दावा किया जा रहा है कि कोई भी संक्रमित व्यक्ति अगर आपके पास आएगा तो यह आपको अलर्ट कर देगा जब हमने इस खबर को गोदी मीडिया के प्राइमटाइम में देखा और यह वही पत्रकार हैं जो फिरौती वसूल करने के आरोप में तिहाड़ जेल काट चुके हैं तो आइए जानते हैं इस ऐप के बारे में किए कैसे काम करता है और क्या प्रोसेस है तब हमने इस ऐप के बारे में कुछ खोज किया हमने प्ले स्टोर से जाकर यह ऐप को डाउनलोड किया डाउनलोड करने के बाद जैसे ही डाउनलोड हुआ डाउनलोड होने के बाद यह ऐप ओपन हो जाएगा ऐप ओपन होने के बाद कुछ इंस्ट्रक्शन दिए जाएंगे सबसे पहले आपको इसमें भाषा का चयन करना होगा इसमें कई भाषाएं हैं इंग्लिश हिंदी गुजराती मराठी बहुत सारी भाषा है इसमें आपको किसी एक भाषा का चयन करना होगा और फिर नेक्स्ट पर क्लिक करना होगा इस क्लिक करने के बाद आपको कुछ कोविड-19 के बारे में बताया जाएगा चार बार स्वैप करने के बाद हमें रजिस्टर नाउ का बटन दिखा हमने जैसे ही रजिस्टर नाउ पर क्लिक किया इस ऐप में तीन चीजों की परमिशन मांगी सबसे पहली डिवाइस लोकेशन और दूसरी ब्लूटूथ और तीसरी डाटा शेयरिंग हमने इसको एग्री किया और ऐप के बारे में जानने के लिए प्रोसेस आगे बढ़ाई जैसे ही हम आगे बढ़ते हैं अब यह ऐप हमारा मोबाइल नंबर मांगता है हमने मोबाइल नंबर को दर्ज किया मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद एक ओटीपी जनरेट होगा और आपको उस ओटीपी को इस ऐप में दर्ज करना होगा हमने ओटीपी को इस ऐप में दर्ज किया तो इसमें एक ऑप्शन दिखा सेल्फ असेसमेंट टेस्ट हमने इसको क्लिक किया क्लिक करने के बाद हमसे यह ऐप यह पूछता है कि आप मेल हो या फीमेल हमने मेल किया इसके बाद यह उम्र पूछेगा उम्र पूछने के बाद यह पूछेगा कि आपको कफ बुखार के बारे में पूछेगा कमलेश को क्लिक किया उसके बाद यह पूछता है कि कहीं आपको डायबिटीज हाइपरटेंशन या कोई अन्य बीमारी तो नहीं है आप इसमें से कोई भी चयन कर सकते हैं इसके बाद यह पूछता है कि आपने 14 दिन से कोई यात्रा तो नहीं की है आप इसको यह सुनो कर सकते हो उसके बाद में यह पूछता है यह किसी कोविड-19 के मरीज के साथ आप रहे हो या नहीं रहे हो इसमें से आप कुछ भी चयन कर सकते हैं और हमने इस ऐप की जानकारी के लिए सब कुछ लोग कर दिया और इस ऐप ने हमें एक जानकारी दी कि आप सुरक्षित हैं

हमने इसमें कुछ गलत जानकारियां दर्ज की ऑफिस में हमें दिखाया गया कि आप एक बड़े रिस्क पर हैं कुछ पत्रकारों ने अपने प्राइम टाइम में यह बताया कि यह आपकी जिंदगी बचा सकता है लेकिन जब हम इसने इस ऐप के बारे में जानकारी जुटाई तो हमने इस ऐप का रिव्यू किया हमने सभी सवाल को बारी-बारी से फीड चाहिए इसमें जवाब नहीं आया जो आप इंटर करोगे अगर कोई कोरोना मरीज अभी विदेश यात्रा करके आया है उसने जानकारियां गलत भरदी कि मैं कहीं नहीं गया हूं और उसने एक कई ऑप्शन क्लिक की कर दिए तो यह बिल्कुल सुरक्षित बताएगा एक पत्रकार ने अपने प्राइम टाइम में इस ऐप को लेकर जानकारी दी कि इस ऐप में सेल्फी खींच ना जरूरी है और सेल्फी नहीं की थी या बाहर से कहीं सेल्फी अपलोड की तो आप की लोकेशन की जानकारी टीम लगा लेगी और और आप पर कार्रवाई की जा सकती है जब इस ऐप में हमने कोरोना मरीज ऐसी जानकारियां दर्ज की तो इसने हमें यह जानकारी दी

हमने यह सब के बारे में जानकारी जुटाई और यह पता लगाया कि इस ऐप में कोरोनावायरस मरीज को अपनी जानकारी मोबाइल नंबर सहित फीड करनी होगी जैसी जानकारी आप फीड करोगे वैसी ही जानकारी सरकार को पहुंचेगी सरकार को आपके पास इसका डाटा मोबाइल नंबर लोकेशन सभी पहुंचेगा क्योंकि इसमें डाटा डिवाइस लोकेशन इमेज एंड फोटो का एक्सेस मांगा गया है हमने इससे यह भी पता लगाया कि अगर कोई कोरोना पीड़ित मरीज है और वह इस ऐप को डाउनलोड करता है और इस ऐप में अपनी गलत जानकारी दर्ज कर देता है तो यह एप्स को बिल्कुल सुरक्षित बताएगा कोई ऐसी इस ऐप में टेक्निकल नहीं है कि बिना जानकारी बताएं व्यक्ति के संपर्क में आते ही यह ऐप किसी सुरक्षित आदमी को अलर्ट कर दें जो कि कुछ पत्रकार यह दावा कर रहे हैं कि संपर्क में आते ही यह ऐप आप को अलर्ट कर देगा यह वही पत्रकार हैं जो 2000 के नोट में चिप बता रहे थे प्ले स्टोर पर कल से इस ऐप को 10 लाख लोग डाउनलोड कर चुके हैं इस ऐप की रेटिंग भी अच्छी है लेकिन हमने आपको बता दिया कि जब तक कोई इंसान इसमें सही जानकारी अपनी दर्ज नहीं करेगा ना ही सरकार को आपकी कोरोनावायरस जानकारी पहुंचेगी और ना ही किसी को अलर्ट करेगा लेकिन सवाल ये है कि गांव में जो मजदूर हैं बुजुर्ग हैं उनके पास तो एंड्राइड मोबाइल ही नहीं है उनके लिए सरकार ने क्या व्यवस्थाएं की हैं एंड्रॉयड फोन से युवाओं के लिए है शहर में तो सभी लोग चलाते हैं लेकिन गांव देहात में बुजुर्ग लोग एंड्रॉयड फोन नहीं चलाते किसान लोग एंड्रॉयड फोन नहीं चलाते उनके लिए सरकार ने कोरोनावायरस अलर्ट करने के लिए क्या व्यवस्थाएं की हैं क्योंकि आज भी भारत में गरीब किसान लोग 2G फोन कीपैड वाले चलाते हैं उनको इस एप से कैसे जागरूक करोगे इस ऐप को ही क्या किसी ऐप के बारे में नहीं जानते हैं