जब रवीश कुमार को मिला था मैग्सेसे अवार्ड , उस वक्त मोदी सरकार ने एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार को नहीं दी थी बधाई ।लेकिन राहुल गाँधी ने फोटो पत्रकारों को

कल राहुल गांधी ट्वीट करके भारतीय 3 फोटो पत्रकारों को बधाई देते हैं कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी जिन तीन लोगों को बधाई देते हैं वो कश्मीर के हैं जिसमें यासीन , मुख्तार खान ,और चनिया नंद । इन तीनों को पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है सम्मानित होने के बाद राहुल गांधी ने ट्वीट करके इनको बधाई दी थी । राहुल गांधी के ट्वीट करने के बाद आईटी सेल राहुल गांधी के पीछे पड़ गया और वह अपनी गैंग के साथ राहुल गांधी को एंटी नेशनल घोषित करने में जुट गए।

ट्विटर पर कई ट्रेंड चलाए गए कि राहुल गांधी देशद्रोही है । राहुल गांधी ने जिन पत्रकारों को बधाई दी थी वह कश्मीर के थे और उनमें से तो मुसलमान थे बस राहुल गांधी को बधाई देना ही जुर्म हो गया। क्या यह भारत के नागरिक नहीं कि जिन्हें कोई पुरस्कार मिला हो तो उसकी बधाई दी ना दी जा सके।

जब एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार को मैग्सेसे अवार्ड मिला था उस वक्त गोदी मीडिया में सन्नाटा छा गया था। अगस्त 2019 के महीने में रवीश कुमार को मैग्सेसे अवार्ड से सम्मानित किया जाता है और इस पर गोदी मीडिया सहित सत्ता पक्ष के नेता सभी चुप्पी साध लेते हैं यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रवीश कुमार को बधाई तक नहीं दे पाते हैं क्योंकि रवीश कुमार वह पत्रकार हैं जो अक्सर सरकार से सवाल पूछते हैं।

और यही सवाल सरकार को कड़वे लगते हैं। क्योंकि देश में अगर गरीबों की आवाज उठाओगे तो सवाल किससे किया जाना चाहिए सरकार से और मोदी जी को सवाल पसंद नहीं है क्योंकि मोदी जी को तो सिर्फ इवेंट करवा लो। जब रवीश कुमार को मैग्सेसे अवार्ड दिया गया तब उस फाउंडेशन ने भी यही कहा था कि रवीश कुमार जैसे पत्रकार ने बेज़ुबानों को जवान दी है । और रवीश कुमार ने गरीबों की आवाजों को उठाया है उनके दर्द को सरकार तक पहुंचाया है उसके बाद सरकार सुने गाना सुने वह उसकी मर्जी।

क्योंकि गोदी मीडिया के चैनलों पर हर रोज की पुकार लगी रहती है झूठी खबरों को चलाकर प्रोपेगेंडा करके खबरों को गोदी मीडिया पर चलाया जाता है कई बार गोदी मीडिया के चैनल एक्सपोर्ट भी हुए हैं जिन्हें उत्तर प्रदेश की पुलिस यानी योगी की पुलिस ने इन मोदी मीडिया चैनलों को एक्सपोज किया है लेकिन फिर भी इन पर कोई असर नहीं है न्यूज 18 के पत्रकार ने खबर चलाई थी कि मस्जिद के पास में नमाज को लेकर पुलिस में और मुसलमानों में झगड़ा हो गया और इसे डिबेट में शामिल किया गया था।

बाद में मुंबई पुलिस का बयान आता है यह घटना 29 अप्रैल की है और उस दिन बुधवार का दिन था और गोदी मीडिया में इस वीडियो को डिबेट में शामिल किया गया और बताया गया यह शुक्रवार का वीडियो है बाद में मुंबई पुलिस ने इस चैनल को एक्सपोज किया और इसके बाद इसको भी मीडिया चाहे को माफी मांगना पड़ी।

आप जानते ही हैं कि झूठी खबर को मुख्यधारा की मीडिया पर चलाना कितना महंगा पड़ सकता है लेकिन इन पत्रकारों को इन न्यूज़ चैनलों को कोई परवाह नहीं है। तो आज राहुल गांधी को आईटी सेल की दो रुपए वाली मशीन देशद्रोही घोषित कर रही है जबकि उन्होंने कुछ फोटो पत्रकारों को सम्मान मिलने पर बधाई दी थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तो जब रवीश कुमार को मैग्सेसे अवार्ड मिला था। तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस वक्त भी रवीश कुमार को कोई बधाई नहीं दी थी ।