गुजरात में सूरत के गांव मोरा में सैकड़ों की भीड़ में सड़क पर उतरे मजदूर , देखें वीडियो

गुजरात के सूरत में यह कोई पहली बार नहीं है जब मजदूर सड़कों पर उतर कर धरना प्रदर्शन दे रहे हैं पहले भी कई बार मजदूर सड़क पर उतर कर घर जाने के लिए अपनी आवाज बुलंद करना चाह रहे थे लेकिन पुलिस ने लाठियां दिखाकर घर भगा दिया अभी कुछ दिन पहले की ही बात है जब मजदूर वर्ग के लोगों ने अपने घर जाने के लिए सड़कों पर निकल आए और जब उनकी आवाज को नहीं सुना गया फिर उन्होंने तोड़फोड़ शुरू कर दी थी

लेकिन मुख्यधारा के मीडिया में इस विषय पर कोई चर्चा नहीं हुई इसके बाद एक बार फिर गुजरात के सूरत में उड़ीसा के मजदूरों ने सड़कों पर उतरकर हंगामा काटा था उन्होंने आगजनी भी की थी इस मामले की चंद खबरें मुख्यधारा की मीडिया में दिखाई गई थी आज उन पर गौर की जाती तो आज यह मजदूर फिर सड़कों पर हजारों की भीड़ में इकट्ठा होकर ना उतरते

आज भी गुजरात के सूरत में मोरा गांव में हजारों की संख्या में भीड़ अचानक निकल आई गुजरात के अहमदाबाद में कोरोनावायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं इसके बाद भी इस भीड़ में सोशल डिस्टेंसिंग नहीं बरती जा रही है लेकिन एक सवाल है कि सोशल डिस्टेंसिंग भी क्या करेगी जब पेट में खाने को कुछ नहीं है। यह मजदूर अधिकतर उत्तर प्रदेश और बिहार के हैं और लॉक डाउन खत्म होने की वजह से यह लोग अपने घर जाना चाहते हैं ।

जब यह मजदूर वर्ग के लोग सड़कों पर गुजरात में सूरत के मोरा गांव में हजारों की संख्या में उतर आए और जब इनकी कहीं नहीं सुनी गई फिर उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया मौके पर पुलिस पहुंची पुलिस ने इनको समझ आया। लेकिन भूख प्यास से परेशान अपने घर से दूर उन्हें यह आश्वासन मजदूरों को कब तक समझ में आएगा। इसके बाद पुलिस में और वहां के प्रदर्शन कर रहे लोगों में नोकझोंक शुरू हो गई। के बाद प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी।

हालात को काबू में पाने के लिए पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े किसी तरीके से मामले को काबू में किया गया लेकिन मजदूर वर्ग के लोग अब भी सड़क पर तितर-बितर फिर रहे हैं। फिर इन मजदूरों की आवाज को क्यों नहीं सुना जा रहा है यह मजदूर कई बार सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर चुके हैं आखिर गुजरात सरकार इनकी बातों को सुनने को तैयार क्यों नहीं है। खैर मीडिया में ऐसी खबरों का पहुंचना तो बहुत मुश्किल है। क्योंकि यह मोदी जी के गुजरात मॉडल की घटना है। और गुजरात मॉडल सिर्फ मोदी जी की जय जयकार के काम आता है।