गुजरात के सूरत में प्रवासी मजदूर घर लौटने के लिए कई बार सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर चुके हैं , लेकिन मीडिया पश्चिम बंगाल पर डिवेट करके ममता बनर्जी से सवाल पूछ रही है ।

गुजरात के सूरत में लगातार तीन चार बार प्रवासी मजदूर सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करने लगे थे । इनमें पहले कुछ उड़िया मजदूर थे जिन्होंने अपने घर जाने के लिए गुजरात की सड़कों पर आकर प्रदर्शन किया और घर लौटने की मांग की। लेकिन पुलिस ने इन पर कार्रवाई करके इन्हें लौटा दिया। के बाद यह मजदूर फिर गुजरात के सूरत में सड़कों पर प्रदर्शन करने उतर जाते हैं । और ये वही मांग दोहराते हैं कि हमें घर भेज दीजिए । लेकिन पुलिस फिर भी हल्का बल प्रयोग करके इन्हें वापस लौटा देती है।

लेकिन आज गुजरात के सूरत में मोरा गांव में प्रवासी मजदूर सड़कों पर उतर आए। यह मजदूर इस बार उड़ीसा के नहीं थे इस बार यह मजदूर उत्तर प्रदेश और बिहार के मजदूर थे । और यह उत्तर प्रदेश से गुजरात के सूरत में लगी एक फैक्ट्री में काम करने आए थे लॉक डाउन में यह यही फस गए इन्होंने लॉक डाउन एक और लॉक डाउन दो का समय तो काट लिया। लेकिन 3 मई के बाद से इन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जिसके चलते ये लोग सड़कों पर उतर आए थे। पुलिस ने आज भी लाठीचार्ज करके घरों को वापस लौटा दिया।

लेकिन हमने सोचा कि गुजरात में जो मजदूर फंसे हुए हैं जो  घर जाने के लिए बार-बार प्रदर्शन करने सड़कों पर आ रहे हैं इनके लिए गोदी मीडिया का कोई न कोई चैनल आवाज उठाएगा कोई ना कोई इनके बारे में जिक्र करेगा जिनसे यह लोग अपने घरों को वापस पहुंच पाएं।

शाम को गोदी मीडिया में प्रोग्राम शुरू हो जाते हैं। वही एक चैनल ज़ी न्यूज़ जो गुजरात के मजदूरों की आवाज उठाने के बजाय उसके पत्रकार पश्चिम बंगाल के ममता बनर्जी पर डिबेट कर रहे थे। यानी जरा गौर करिए गुजरात में प्रवासी मजदूर घर जाने के लिए तीन बार सड़क पर प्रदर्शन कर चुके हैं लेकिन चर्चा पश्चिम बंगाल पर हो रही है ममता बनर्जी से सवाल पूछे जा रहे हैं आप देखिए जी न्यूज़ के कार्यक्रम का ट्वीट

अब यह बताइए कि गुजरात में जो प्रवासी मजदूर फंसे हुए हैं वह अपनी आवाज उठाने के लिए कहां जाएं। यह चैनल तो धर्म के सहारे मोदी की जय जयकार करने में लगी है। और यह मीडिया गुजरात प्रवासी मजदूरों पर इसलिए सवाल नहीं उठा रही है क्योंकि यह गुजरात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का विकास का गुजरात मॉडल क्योंकि इसी के सहारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री बने थे । और जब इस चैनल के पत्रकार पर धार्मिक आपत्तिजनक खबरें चलाने पर FIR हो जाती है तभी ये चैनल कहता है कि प्रेस की आजादी पर एक हमला है।