गुजरात उच्च न्यायालय ने दिया , बीजेपी मंत्री भूपेंद्र सिंह का चुनाव रद्द करने का आदेश , 2017 में विधानसभा ढोलका सीट से 327 वोटों से जीते थे

भूपेंद्र सिंह चुडास्मा 2017 में गुजरात विधानसभा चुनाव में 327 वोटों से जीत हासिल की थी यह ढोलका सीट से जीते थे । उन्होंने चुनाव भी ज्यादा अंतर से नहीं जीता था। इनके सामने कांग्रेस के नेता अश्विन राठौर ने चुनाव लड़ा लेकिन जब मतों की गिनती हुई तब कांग्रेस के उम्मीदवार अश्विन राठौड़ ने इन पर वोटों की गिनती में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया था। लेकिन अब गुजरात उच्च न्यायलय ने इस चुनाव को रद्द कर दिया है

2017 में विधानसभा के चुनाव हुए थे तब भूपेंद्र सिंह ने 327 वोटों से अश्विन राठौर को मात दी लेकिन वहीं कांग्रेस के नेताओं ने इस जीत पर बड़ी धांधली करने का आरोप लगाया था कांग्रेस प्रत्याशी ने दावा किया था कि मतगणना में एक बड़ी धांधली की गई है और 429 वोटों पर गौर नहीं की गई। उस चुनाव के दौर में सुनने को कोई तैयार नहीं था। 2017 विधानसभा चुनाव में इसी के चलते हुए भूपेंद्र सिंह चुडासमा 327 वोटों से विजयी बने।

लेकिन जब गुजरात उच्च न्यायालय की ओर से यह आदेश आया है कि भूपेंद्र सिंह ने किस विधानसभा ढोल का से चुनाव जीता था उस चुनाव को गुजरात की उच्च न्यायालय ने चुनाव रद्द करने का आदेश दिया है। जब गुजरात की उच्च न्यायालय ने चुनाव को रद्द करने का आदेश दिया तब कांग्रेस के नेताओं ने उच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत किया देखिए यह कांग्रेस के नेता भरत सोलंकी का यह ट्वीट

इसके बाद देखें कांग्रेस के नेता शक्ति सिंह गोहिल ने इस उच्च न्यायालय के आदेश पर क्या प्रतिक्रिया दी देखिए उनका यह ट्वीट

बीबीसी की खबर के अनुसार जिस विधानसभा ढोलका से भूपेंद्र सिंह चुडासमा 377 वोटों से जीते थे उसको अब गुजरात की उच्च न्यायालय ने ढोलका विधानसभा का चुनाव रद्द कर दिया है और 2017 में जो इलेक्शन हुआ था और जो 317 वोटों से जीत हुई थी वह अवैध तरीके से चुनाव जीते थे। कि न्यायालय के चुनाव रद्द करने के बाद कानून मंत्री ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है।