गरीब के बच्चे की सड़क पर निकल गई जान , न एंबुलेंस आई और , न ही कोई सरकारी सहायता मिली , पढ़ें पूरी खबर

टीवी पर और रैलियों में भाषण देने से और करने से बहुत बड़ा फर्क होता है इसे कहते हैं की कथनी और करनी में फर्क होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी चुनावी रैली में ऐसी ऐसी बातें कही थी। कि जिन की कल्पना करना भी मुश्किल हो जाता है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार अपने बयान में इन गरीब मजदूरों को हवाई जहाज में बिठाने की बात कही थी प्रधानमंत्री जी इन गरीब मजदूरों का हवाई जहाज नहीं बल्कि थोड़ी सहायता की जरूरत है।

और गोदी मीडिया के पत्रकार इन गरीबों को लेकर ज्ञान दे रहे हैं कि इन गरीब मजदूरों को जाने कहीं जरूरत नहीं है सरकार ने 20 लाख करोड़ का ऐलान कर दिया है जिसमें गरीबों को राशन पानी मुफ्त दिया जाएगा और कोई भी कहीं नहीं जाएगा। लेकिन उन पत्रकारों को क्या पता कि बिजली वाला किराया छोड़ देगा क्या मकान बाला मकान किराया छोड़ देगा सब्जी कहां से आएगी इंधन कहां से आएगा।

लेकिन टीवी से हटकर अगर सच्चाई की दुनिया में जाओगे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण में और असल जिंदगी में बहुत बड़ा फर्क है यहां अमीरों को तो सुविधाएं मिलती हैं लेकिन गरीब की सड़क पर तड़प तड़प कर जान निकल जाती है लेकिन उसको कोई सुनने वाला नहीं है। बॉलीवुड में भी अमीर बच्चों और गरीब बच्चों में फर्क को लेकर ट्वीट किये है

ऐसे ही एक गरीब मजदूर मोटरसाइकिल से अपने परिवार के साथ जा रहा था बच्चे की तबीयत खराब हो गई एंबुलेंस के लिए फोन किया गया लेकिन एंबुलेंस भी इस गरीब बच्चे के पास ना पहुंच सकी। उसके बाद सरकारी मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर पर बात की लेकिन उस पर भी कोई मदद नहीं मिली

गरीब के बच्चे की सड़क पर ही जान निकल गई लेकिन उसे कोई सरकारी मदद नहीं मिल सकी फिर गांव वालों ने ही उसकी मदद की। सड़क के किनारे एक गांव था यह मामला देख गांव के कई लोग इस गरीब बेसहारा लोगों के पास में आ गए और जो मदद हो सकी वो इस गरीब की उन लोगों ने मदद की।

वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेई ने भी इन तस्वीरों को लेकर मौजूदा सरकार पर तंज कसा। देखिए पुण्य प्रसून बाजपाई का यह ट्वीट