गरीबों के लिए पुलिस कॉन्स्टेबल सिल रही हैं मास्क

तेलंगाना की अमरेश्वरी को पुलिस ड्यूटी के बाद जो छुट्टी का समय मिलता है उसमें वह गरीबों के लिए मास्क बनाती हैं वह तेलंगाना के गवर्नर के यहां सिक्योरिटी गार्ड के पद पर तैनात हैं और ड्यूटी के बाद जो समय मिलता है वह अपनी मां के साथ गरीबों के लिए मास्क बनाती हैं और मास्क बाटने के साथ-साथ गरीबों को कोरोनावायरस से बचने के लिए जागरूक भी करती हैं हमारे भारत में ऐसे कई लोग सामने आए हैं जो कोरोनावायरस की इस लड़ाई में गरीबों के साथ खड़े हैं चाहे वह राशन पानी के लिए हो या मास्क के लिए। और कुछ लोग आज भी सोशल मीडिया पर नफरतें फैला रहे हैं और कुछ लोग आज भी भारत के गरीबों के हमदर्द बने हुए हैं।

बी अमरेश्वरी ने 10000 मास्क का टारगेट रखा है वह प्रतिदिन 200-250 तक मास्क सिल लेती हैं उनके इस कार्य में उनकी मां भी हाथ बटाती हैं उनकी मां भी उनके साथ मास्क सिलती है । जितने मास्क दिन भर में तैयार हो जाते हैं फिर उन्हें बांटने भी जाती हैं और मास्क बांटते समय लोगों को जागरूक भी करती हैं कि कोरोनावायरस से कैसे बचा जाए। कोरोनावायरस से जितने बचने के उपाय हैं वे सभी मास्क बांटते टाइम सभी लोगों को बताती हैं और इससे जागरूक रहने के लिए उपाय भी बताती हैं। इस समय लॉक डाउन में कपड़े की दुकान बंद है तो वे घर में ही साड़ियों के कपड़े से मास्क बना रही हैं अभी तक अमरेश्वरी 3000 मास्क सिल कर बांट चुकी हैं।

कोरोनावायरस की इस जंग में अमरेश्वरी मास्क बांटकर बहुत खुश हैं कि वह भारत के उन गरीबों तक मदद पहुंचा रही हैं जो गरीब 40 से ₹50 तक का मास्क नहीं खरीद पाते हैं उन्हें अमरेश्वरी मास्क सिलकर घर घर बांट रही है अमरेश्वरी एक घर में सिर्फ तीन मास्क देती हैं। जिसे लगाकर वह अगर बाहर किसी काम से जाएं तो कोरोनावायरस जैसी खतरनाक बीमारी के चपेट में ना आने पाए। पुलिस प्रशासन भी इनके महान कार्य की प्रशंसा कर रहा है और वह गरीबों की मदद करने में बहुत खुश हैं। यह अपनी ड्यूटी निभा कर उसके बाद जो छुट्टी मिलती है उसमें यह मास्क बनाकर गरीबों तक मदद पहुंचा रही है इसलिए हम इनके जज्बे को सलाम करते हैं