क्यों पलट रहा है निर्भया फांसी केस

निर्भया केस के आरोपियों की तारीख तय हो चुकी हैं लेकिन इसी बीच एक आरोपी मुकेश सिंह ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया है और उसने यह साबित किया है कि अपराध के वक्त वह दिल्ली में मौजूद नहीं था और वह इस घटना से कोई लेना देना नहीं है उसे फंसाया जा रहा है लेकिन सोचना अब यह होगा कि निर्भया फांसी केस में क्या यह अपराधी बच निकलेंगे या फांसी होकर ही रहेगी

आपको बता दें कि निचली अदालत ने 5 मार्च को तीनों आरोपियों को फांसी देने का डेथ वारंट जारी कर दिया था लेकिन वकीलों की दलील सुनकर इसे आगे बढ़ाया गया इस केस में वकील ने अपराध के समय नाबालिग होने का दावा किया था कि सुनने के बाद कोर्ट ने खारिज कर दिया इस मामले में कितनी सच्चाई है या तीनों आरोपियों के वकील इन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं और आरोपी बचने की कोशिश कर रहे हैं

आपको बता दें जब फांसी की तारीख पहले तय हुई थी तब निर्भया की मां ने एक अनशन रखा था कि जब तक इन आरोपियों को फांसी नहीं होगी तब तक मैं अनशन नहीं तोड़ दूंगी लेकिन इनकी फांसी में देरी होती रही और उनकी तबीयत हद से ज्यादा खराब होने लगी फिर इनको हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया और उनको फिर अनशन तोड़ना पड़ा लेकिन इस को मद्देनजर रखते हुए उन आरोपियों की फांसी नहीं हुई उनका अनशन असफल रहा तारीख तय होने के बाद भी उनका अनशन एकमात्र बेकार ही रहा उनका यह सोचना था कि जब तक आरोपियों को फांसी नहीं लगेगी मैं अनशन नहीं तोडूंगी अपनी बेटी के लिए मैंने यह अनशन रखा है और मैं इस अनशन को आखिर समय तक ले जाऊंगी