क्या ऐसे ही कोरोनावायरस से जंग लड़ेगा भारत , पढ़े ये रिपोर्ट

जब देश में कुछ दिन पहले ऐसे मामले सामने आए थे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके देश को संदेश दिया था कि कोरोनावायरस ना किसी की जाति देखता है न किसी के धर्म देखता है यह एक बीमारी है तो इसके बाद भी इस तरीके के मामले सामने आ रहे हैं यह मामला मध्यप्रदेश के इंदौर जिले का है । कुछ लोग मुस्लिम व्यापारी विरोधी पोस्टर लगाते हैं जिसमें लिखा जाता है कि इस गांव में मुस्लिम व्यापारियों का आना सख्त मना है और नीचे निवेदक में समस्त ग्रामवासी लिख दिया जाता है जब इस पोस्टर के बारे में पुलिस को पता चलता है तो मौके पर पुलिस पहुंच कर इस पोस्टर को हटवा आती है और पूछताछ करती है कि यह पोस्टर किसने लगवाया पुलिस को छानबीन करने पर जब कुछ पता नहीं लगता है तो पुलिस अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लेती है

दिग्विजय सिंह अपने ट्वीट के जरिए शिवराज सिंह पर निशाना साधते हैं देखिए उनका यह ट्वीट

अगर आप ध्यान से देखेंगे तो पोस्टर में नीचे की ओर लिखा हुआ है की “आज्ञा से समस्त ग्रामवासी” यह मामला मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के पालमपुर गांव का है 2 मई को इसी तरीके से यह पोस्टर लगाया जाता है और फिर इसके 1 दिन बाद पुलिस को इस घटना की जानकारी मिलती है और 3 मई को पुलिस मौजूदा घटनास्थल पर पहुंचकर पोस्टर हटबाती है। मामले को बढ़ता देख पुलिस ने अपनी सफाई में कहा ” कि कुछ लोगों ने पोस्टर लगाकर शरारती हरकतें की है हमने वह पूछे हटवा दिया है। लगाने वालों के नाम पता पुलिस कर रही है। अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑफिस वाले टि्वटर हैंडल से एक ट्वीट 19 अप्रैल को किया जाता है जिसमें कहा जाता है कि कोरोना वायरस न किसी का धर्म देखता है ना किसी की जाति देखता है यह एक बीमारी है और हमें इस बीमारी से एकजुट होकर लड़ने की आवश्यकता है और इस बीमारी की इस लड़ाई में हम एक साथ खड़े हैं देखिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह ट्वीट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह ट्वीट कर देश की जनता को संदेश तो दे दिया लेकिन क्या इनके ही लोग इस ट्वीट का पालन कर रहे हैं अभी एक बीजेपी नेता एक सब्जी वाले को धमकाता है कि दोबारा यहां देख मत जाना। क्या उसको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्वीट का पालन करना चाहिए कि नहीं चाहिए। उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात में ही एक बच्ची की तबीयत खराब होती है जिससे एंबुलेंस में ले जाया जाता है पुलिस उस एंबुलेंस को रोक लेती है और मुस्लिम बच्ची होने पर पुलिस उस एंबुलेंस को आगे नहीं जाने देती है फिर उस बच्ची को रिक्शे के द्वारा ले जाया जाता है । क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्वीट का कोई पालन कर रहा है । और यह जो भी समाज में नफरतें फैल रही हैं उसका मुख्य कारण गोदी मीडिया है