कोरोनावायरस: यह लोग हो चुके हैं बेरोजगार , अब बंद करनी पड़ रही है दुकाने , पढ़ें यह खबर

कोरोनावायरस के चलते कुछ दुकानदार बेरोजगार हो चुके हैं जब से लॉक डाउन हुआ है। तब से यह लोग बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं कोरोनावायरस से पूरी दुनिया में मंदी छाई हुई है लेकिन भारत में कोरोना वायरस से ऐसे दुकानदारों को सामना करना पड़ रहा है कि उनका यह व्यापार आगे चलना बहुत मुश्किल है जब तक कोरोनावायरस बिल्कुल शांत नहीं हो जाता तब तक इन दुकानदारों का बिजनेस शुरू नहीं हो सकता

फोटोग्राफर

फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी एक ऐसी लाइन है जो शादियों के सीजन में फोटोग्राफर भरपूर धन कमा लेता है लेकिन इस बार जब फोटोग्राफर के लिए कमाई का सीजन आया तब पूरे भारत में लॉक डाउन हो गया। जब लॉक डाउन हो गया तब जाहिर सी बात है कि देश में कोई शादी नहीं कर सकता। शादियों में भीड़ इकट्ठी होती है फोटोग्राफर और वीडियो ग्राफर छवि लेने में व्यस्त रहते हैं। लेकिन अब ऐसे लॉक डाउन में शादियां होना मुश्किल है और जब शादियां नहीं होंगी तो फोटोग्राफर और वीडियोग्राफी पैसे कैसे कमाएंगे

मान लो अगर लॉक डाउन में छूट मिल भी जाती है तो उस तरीके से शादी नहीं कर सकते जैसे लॉक डाउन से पहले कर रहे थे। इस समय जो शादियां हो रही है कौन शादियों में मात्र 10-12 लोग ही शामिल हो पा रहे हैं। और यही लोग निकाह या मंडप को संपन्न करा रहे हैं। और जब इतने कम लोग शादी में शामिल होंगे तो फोटोग्राफर वीडियोग्राफर को कौन बुक करेगा। यानी बिल्कुल साफ साफ दिख रहा है कि जब तक कोरोना बिल्कुल शांत नहीं हो जाता तब तक फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी का काम शादियों में नहीं किया जा सकता।

बहुत से फोटोग्राफर किस्तों पर कैमरा खरीदते हैं इस बार भी कई फोटोग्राफरों ने किस्तों पर कैमरा खरीदा है उन्हें किस्त भरने में बहुत परेशानी आ रही है ऊपर से जिस दुकान में फोटो स्टूडियो बना रखा है वह फोटो स्टूडियो भी शादियों के सीजन की फोटोग्राफी से निर्भर होता है। क्योंकि जब तक भारत में कोरोना वायरस पूर्ण रूप से खत्म नहीं हो जाता । जनता शादियों में भीड़ जमा नहीं कर सकती। कुछ फोटोग्राफर लोगों ने अपनी दुकाने बंद कर दी है।क्योंकि इस लॉक डाउन में खाली दुकान का किराया देना पड़ रहा है

बैंड-बाजा

बैंड बाजे वालों का भी काम फोटोग्राफर की तरह है यह भी सीजन में ही आता है लोग शादियों में महंगे से महंगा बैंड बुक करते हैं और दरअसल बैंड बाजे की जो दुकानें होती हैं वह केवल ग्राहक को बुक करने के लिए होती है लेकिन इस बार 25 मार्च के बाद वह बंद पड़े हैं उनके खुलने के आसार नहीं है क्योंकि शादियां होने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं और फोटोग्राफी और बैंड बाजा एक ही कार्य पर निर्भर हैं।

जिस घोड़ी पर दूल्हा को बैठाया जाता है उस घोड़ी वाले की फीस अलग होती है लाखों के दामों में घोड़ियां खरीदी जाती हैं लेकिन जिन्होंने इस बार यह सोचकर घोड़ियों खरीदी होंगी इस सीजन का काम निपटा कर इन घोड़ियों के पैसे जमा हो जाएंगे। लेकिन उन्हें भी इस बार कोरोनावायरस की वजह से संकट का सामना करना पड़ रहा है। किए सारे काम शादियों पर टिके हुए हैं। और ऐसे लोग डाउन में बिना काम के घोड़ों को भी अपने पास से ही इन लोगों को खिलाना पड़ रहा है।

लाइट सिस्टम और डीजे

इन लोगों का काम भी शादियों पर निर्भर है और शादियां ना होने से यह लोग भी इस बेरोजगारी में शामिल है क्योंकि जब शादियां ही नहीं होंगी तो लाइट सिस्टम कैसे लगेगा डीजे कैसे बजेंगे अगर कोरोना वायरस के मामले बढ़ते हैं तो इन व्यवसायों को चलाना बहुत मुश्किल हो जाएगा दुकानदारों को अपनी दुकान बंद करनी पड़ सकती है।

इनके साथ और भी कई लोग ऐसे हैं जो वह भी बेरोजगार की लाइन में आ रहे हैं जैसे शादियों में बेटर का दिहाड़ी काम बिल्कुल बंद हो चुका है। सादगी जो शादियों में टेंट का काम करते थे उनका अभी काम बिल्कुल बंद पड़ा है। और यह सब काम तब शुरू हुआ जब कोरोना वायरस खत्म होगा और देश में शादियां शुरू हो जाएंगी तब यह काम यह शुरू हो जाएंगे। देश में जब तक कोरोनावायरस रहेगा तब तक आप बिल जमा नहीं कर सकते पहले जैसे शादियां नहीं कर सकते तो यह व्यवसाय पूरी तरीके से खत्म हो जाएंगे