इस्लाम विरोधी पोस्ट डालने के बाद भारतीयों की गई नौकरी , करीब डेढ़ लाख भारतीय आएंगे बापस , पढ़ें पूरी रिपोर्ट

सोशल मीडिया पर इस्लाम विरोधी पोस्ट डालने के बाद उन्हें नौकरी से हाथ धोना पड़ा। पहले भी सोशल मीडिया पर कई खबरें आई थी जो भारतीय नागरिक मुस्लिम देशों में नौकरी के लिए गए हुए हैं वह मुस्लिम निर्देशों में रहकर ही मुस्लिम धर्म के खिलाफ पोस्ट सोशल मीडिया पर लिख रहे थे फिर बाद में वहां की सरकार को इनकी पोस्ट को देखा फिर उसके बाद उनको भी नौकरी से निकाला था। इसके बाद 57 देशों के संगठन OIC ने इन बयानों पर भारत सरकार का घेराव किया तब मुख्तार अब्बास नकवी को यह बयान देना पड़ा कि भारत मुसलमानों के लिए स्वर्ग है लेकिन यह मुसलमानों के लिए कौन सा स्वर्ग है पता नहीं।

सोशल मीडिया पर 18 साल के युवा धर्म की रक्षा करने में उतर आए हैं उन्हें ना ही किसी नौकरी से मतलब था और अब तो वैसे भी नहीं होगा क्योंकि अब कोरोनावायरस से लॉक डाउन है। पोस्ट करने का असर इतना बढ़ गया है कि 18 साल से कम उम्र के बच्चे भी सोशल मीडिया पर पाकिस्तान और मुस्लिमों पर ज्ञान दे रहे हैं। और इसका सीधा सिद्धांत यह है कि नेताओं के भड़काऊ बयान और गोदी मीडिया के नफरतें एजेंडा के चलते हुए हमारे बच्चे जो 18 साल से कम उम्र के हैं उनके दिमाग में किस तरीके से नफरत ही कूड़ा पड़ रहा है। लॉक डाउन के समय में खाली समय बैठे-बैठे सोशल मीडिया पर कमैंट्स में हिंदू मुस्लिम की लड़ाई जोरों शोरों पर चल रही है और इसका जिम्मेदार गोदी मीडिया है।

जब विदेशों में रहकर मुस्लिमों के खिलाफ पोस्ट डालने पर कई भारतीयों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट के जरिए यह कहा था कि कोरोनावायरस जो है वह किसी की धर्म नहीं देखता किसी की जाति ही नहीं देखता ।

लेकिन फिर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बयान को ताक पर रखकर मुस्लिम देशों में रहकर ही मुस्लिमों के खिलाफ पोस्ट कर रहे हैं यानी ऐसा कहो कि नौकरी भी उन्हीं के देशों में कर रहे हो और उन्हीं के धर्म के खिलाफ विवाद पोस्ट भी कर रहे हो।

हिंदुस्तान लाइव की खबर के मुताबिक अब यूएई डेढ़ लाख लोगों को वापस भारत भेज रहा है और वहां जो भारतीय रह रहे हैं वहां डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों ने भारत आने के लिए रजिस्ट्रेशन भी करा लिया है और कई बार रजिस्ट्रेशन करते समय उनकी साइट भी क्रैश हो चुकी है। इन लोगों के नफरत ही बयानों की वजह से अब वही की सरकार ने यह फैसला लिया है कि इन भारतीयों को वापस करो और इनकी जगह अपने ही देश के नागरिकों को नौकरी दो। यानी इन लोगों की जगह अब वही के नागरिक नौकरी करेंगे।