इन लोगों का जिम्मेदार कौन है पढ़े , ये रिपोर्ट

मजदूरों ने कोरोनावायरस का खतरा बढ़ता देख अपने घर पैदल ही लौटने लगे क्योंकि उनके पास लौटने को अब पैसे नहीं हैं आज कुछ ऐसे ही खबरें हैं क्यों आपके सामने पेश कर रहे हैं। गरीब मजदूर के पास जब सरकार के दिए गए आश्वासन पर से विश्वास उठ गया तब गरीबों ने पैदल ही को अपना सफर माना वह सामान बांध कर अपने घर लौटने लगे पूरे परिवार को इकट्ठा करके और जो जरूरत का सामान है उसे लेकर साइकिल से पैदल यात्रा शुरू कर दी। कौन है इनकी सुनने सुनने वाला। यह गरीब मजदूर पैदल भूखे प्यासे घर की ओर चल पड़े हैं लेकिन इन्हें 2000 किलोमीटर का सफर तय करना है यह सफर कितना कठिन होगा यह सरकारें नहीं जानते हैं।लेकिन इस खबर पर गोदी मीडिया ने कोई चर्चा नहीं की

इस तस्वीर में आप महिलाओं को देख रहे हैं वह 7 महीने से गर्भवती महिला हैं बड़े शर्म की बात है इस महिला को मदद क्यों नहीं पहुंची यह महिला 2000 किलोमीटर का सफर तय करेगी और अपने घर पैदल जाएगी सोचो इसके स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ेगा। साइकिल से यह परिवार 2000 किलोमीटर का सफर करेगा। बड़े-बड़े लोग तो अपने हवाई जहाज में बैठकर अपने घर लौट आते हैं लेकिन देश के ही लोग देश में ही अपने बचाने के लिए तरस रहे हैं।

यह परिवार इस आस में दूसरे प्रदेश में रुका हुआ था कि जब लॉक डाउन खत्म हो जाएगा तब अपने घर लौट जाएंगे लेकिन 14 तारीख आई उसके बाद 3 मई आ गई और यह परिवार यही इंतजार करता रहा की कब घर जाने को मिलेगा। उसके बाद इन्होंने लॉक डालने की आस छोड़ दी और फिर पैदल ही घर लौटने का इरादा कर लिया और फिर उन्होंने अपने सफर के लिए साइकिल को चुना अपने बीवी बच्चों के साथ यह गरीब मजदूर साइकिल से ही घर को लौट पड़ा इस मजदूर की पत्नी गर्भवती हैं

मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक गरीब मजदूर मां अपने बच्चों को गोद में लेकर पैदल अपने घर की ओर लौट रही है उसके चेहरे पर मुस्कान है उसके चेहरे पर एक खुशी है इस बात की कि वह अपने घर लौट रही है। और गांव जाकर इस कोरोनावायरस बीमारी ने अपना समय गांव में राशन काट लेगी। आखिरकार फिर एक सवाल उठता है कि जो हमने पीएम केयर में दान दिया था वह पैसा आखिरकार किन लोगों के काम में आएगा । यह गरीब मजदूर तो सड़क पर पैदल चल रहे हैं इनका जिम्मेदार कौन होगा। इस ट्वीट में देखिए कैसे एक मां अपने बच्चे को कंधों पर बिठाकर अपने घर वापस लौट रही है।